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ठेकेदार ने वन दरोगा को पीटा, लूट का मुकदमा दर्ज

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सिद्धौर (बाराबंकी)। दूसरे क्षेत्र में चौकी के सिपाहियों संग पहुंचकर रौब गालिब करना एक वन दरोगा को भारी पड़ गया। परमिट लेकर पेड़ों की कटान कर रहे ठेकेदार ने मजदूराें संग मिलकर वन दरोगा की पिटाई कर दी।
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घायल वन दरोगा को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने वन दरोगा की तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। ठेकेदार ने भी तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मामला कोठी थाना क्षेत्र के सैदपुर पोरई गांव का है।
लकड़ी ठेकेदार फूलचंद बृहस्पतिवार को पेड़ों की कटाई कर रहा था। दिन में असंद्रा थाने के सिद्धौर चौकी क्षेत्र के सिपाही पहुंचे और ठेकेदार से मिलकर लौट गए। उसके बाद रात करीब नौ बजे वन क्षेत्र हरख के दरोगा सचिन पटेल अपने दो साथी व सिद्धौर चौकी के दो सिपाहियों के साथ वहां पहुंच गए।
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इस दौरान वन दरोगा और ठेकेदार के बीच विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी की ठेकेदार फूलचंद ने अपने पुत्र कुलदीप और अन्य मजदूरों संग मिलकर वन दरोगा की जमकर पिटाई की।
घायल वन दरोगा को चौकी के सिपाही सीएचसी सिद्धौर ले गए। सूचना मिलते ही सीएचसी पहुंची कोठी पुलिस ने वन दरोगा से पूछताछ की। वहीं चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद वन दरोगा सचिन पटेल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
शुक्रवार को वन दरोगा ने फूलचंद पर पिटाई करने के साथ जेब में रखे एक लाख चार हजार रुपये व दो मोबाइल फोन निकालने की तहरीर दी। बताया कि प्रतिबंधित पेड़ों की कटान की सूचना पर वह मौके पर गए थे। ठेकेदार से परमिट के कागज दिखाने को कहा लेकिन वह मारपीट करने लगा।
उधर, लकड़ी ठेकेदार फूलचंद रावत ने बताया कि परमिट के तहत पेड़ों की कटान की जा रही थी। अपना क्षेत्र न होने के बाद भी वह चौकी के सिपाहियों के साथ पहुंचे और रौब गांठने लगे। मना करने पर जबरन जेब में रखे 54 हजार रुपये निकाल लिए।
एसओ संजीत कुमार सोनकर का कहना है कि वन दरोगा की शिकायत पर लकड़ी ठेकेदार के खिलाफ लूट, सरकारी कर्मचारी की पिटाई की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं लकड़ी ठेकेदार फूलचंद रावत की शिकायत की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे हल्के में गए थे वन दरोगा
वन दरोगा सचिन पटेल दूसरे हल्के में पेड़ों की कटान की जांच करने गए थे। इस मामले की जांच क्षेत्रीय रेंजर को सौंपी गई है। जांच में यदि वन दरोगा की लापरवाही मिलेगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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रूस्तम परवेज, डीएफओ
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