बाराबंकी। लगभग 40 वर्षों से लंबित चकबंदी वाद के निस्तारण का इंतजार आखिर खत्म हुआ। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की पहल पर वाद का निस्तारण करते हुए पीड़ित को न्याय दिलाया गया। सेवकपुर निवासी भगवती प्रसाद यादव ने जून माह में डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि मसीउद्दीन बनाम माविया खातून का वाद चकबंदी न्यायालय में लगभग चार दशक से लंबित है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल एसओसी चकबंदी को दोनों पक्षों को सुनकर वाद का निस्तारण कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ठंडे बस्ते में चले गए वाद के निस्तारण की सुनवाई ने फिर रफ्तार पकड़ी। बीते दिनों चकबंदी न्यायालय ने वाद का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर कर दिया। न्याय मिलने से खुश भगवती ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से भेंट कर उनका आभार जताया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वाद वर्षों तक लंबित न रहे। प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से किया जाएगा। जनसमस्याओं का त्वरित समाधान ही सुशासन की पहचान है और इसी दिशा में जिला प्रशासन प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रहा है। (संवाद)