बाराबंकी। शहर का यातायात तंत्र इन दिनों पूरी तरह चरमराया हुआ दिखाई दे रहा है। शहर के लगभग हर बड़े चौराहे पर रोजाना जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे स्कूली बच्चों से लेकर ऑफिस आने-जाने वाले लोग तक घंटों फंसे रहते हैं। अतिक्रमण, असहाय सड़कें और ट्रैफिक पुलिस की सीमित मौजूदगी इसका मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
1- पटेल तिराहा: सिग्नल लगा, पर जाम नहीं गया
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर स्थित पटेल तिराहा शहर के व्यस्ततम चौराहों में है। यहां ट्रैफिक लाइट और कैमरे तो लगे हैं। फिर भी हर घंटे में जाम लग जाता है। बताया जाता है कि चौराहे के आसपास कोई सहायक सड़क (सर्विस रोड) न होने के कारण वाहनों का पूरा दबाव एक ही जगह रहता है। इसके साथ ही अवैध कब्जे और बिजली के खंभे यातायात को और बाधित करते हैं।
2- लखपेड़ाबाग-बड़ेल मार्ग: 50 से अधिक स्कूल
इस मार्ग पर 50 से अधिक स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान होने के कारण हर सुबह और दोपहर भीषण जाम लगता है। विशेष रूप से पायनियर चौराहा और लखपेड़ाबाग के पास निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। सड़क आबादी के बीच से गुजरती है और दोनों ओर निर्माण भरा हुआ है, ऐसे में सड़क चौड़ीकरण भी संभव नहीं माना जा रहा।
3- पलहरी चौराहा: अवैध ई-रिक्शा स्टैंड बना समस्या की जड़
शहर की मुख्य सड़क पर स्थित पलहरी चौराहा भी जाम का स्थायी केंद्र बन चुका है। यहां जैदपुर और शहर की ओर जाने वाली दो सड़कों की वजह से दबाव रहता है, लेकिन सबसे बड़ी परेशानी है अवैध ई रिक्शा स्टैंड और ठेलों का कब्जा। जिसके चलते वाहनों की लाइनें लग जाती हैं।
4- नाका सतरिख: सबसे व्यस्त चौराहा और जाम की समस्या
नाका सतरिख शहर का सबसे व्यस्त चौराहा माना जाता है। एक ओर मुख्य बाजार तो दूसरी ओर हैदरगढ़ हाईवे जाने के कारण यहां हर समय भारी दबाव रहता है। कभी यहां लगाई गई विमान मॉडल की संरचना हटाने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी।
5- बड़ेल चौराहा: पांच तरफ से सड़कों का मिलान
हैदरगढ़ रोड पर स्थित बड़ेल चौराहा पांच अलग-अलग मार्गों से जुड़ा है। हैदरगढ़ मार्ग, सतरिख मार्ग, नहर मार्ग, लखपेड़ाबाग मार्ग और नाका सतरिख मार्ग। अतिक्रमण और पुलिस की अनियमित तैनाती के कारण यहां दिन में कई-कई बार जाम लगता है। यह लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे से जुड़े होने से यातायात का दबाव और बढ़ जाता है।
6- धनोखर चौराहा: मुख्य बाजार की नस, इसलिए हर समय जाम
धनोखर मंदिर के पास स्थित यह चौराहा मुख्य बाजार होने के कारण हमेशा भीड़ से भरा रहता है। यातायात पुलिस ने इसे एकल मार्ग घोषित किया और तीन और चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया है। स्थानीय लोग इन्हीं रास्तों से होकर अपने मोहल्लों में जाते हैं। इसी वजह से जाम की स्थिति रहती है।
इनसेट
देवा ओवरब्रिज: 10 साल बाद पड़ा छोटा, अचानक ट्रेनें बढ़ाती मुसीबत
करीब दस साल पहले बनाया गया देवा ओवरब्रिज अब वर्तमान यातायात के लिए छोटा पड़ने लगा है। ट्रैफिक चार से पांच गुना बढ़ चुका है।ओवरब्रिज से नीचे उतरते ही एफसीआई वाली रेलवे क्रॉसिंग पड़ती है, जिसमें केवल अनाज लेकर आने वाली ट्रेनें गुजरती हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ट्रेन आने की पहले से सूचना नहीं दी जाती और अचानक फाटक बंद होने पर ओवरब्रिज तक वाहनों की लंबी कतार जाम में फंस जाती है।
वर्जन-
शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयास चल रहे हैं। शहर के अंदर से गुजरे हाईवे का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इसके निर्माण के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
- विकास चंद्र त्रिपाठी, एएसपी