बाराबंकी। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों को जोड़कर स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) बनाने के ड्रीम प्रोजेक्ट से जिले को नई पहचान मिलेगी। प्रोजेक्ट को लेकर जिले में सड़क, यातायात और परिवहन का सर्वे अब अंतिम चरण में है। इसकी रिपोर्ट से ही अगले दो माह में प्रोजेक्ट का रोड मैप तैयार होगा। इससे साफ हो जाएगा कि जिले को ट्विन सिटी की एक अलग पहचान मिलेगी।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने 19 जुलाई 2024 को अधिसूचना में लखनऊ समेत छह जिलों को मिलाकर 27,826 वर्ग किलोमीटर में एससीआर का गठन किया है। इसमें बाराबंकी का 3,892 वर्ग किमी क्षेत्र शामिल होगा। एससीआर का पूरा खाका तैयार करने की जिम्मेदारी एई काम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ईजि इंडिया कंसल्टिंग कंपनी को सौंपी गई है। तीन माह से जारी सर्वेक्षण कार्य जल्दी पूरा होने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट के माध्यम से राजधानी लखनऊ से सटे इस जिले को केवल सहायक शहर नहीं, बल्कि पूरे रीजन के विकास की महत्वपूर्ण धुरी बनाया जाएगा। परियोजना के तहत सबसे अहम है विकास परिवहन से जुड़े क्षेत्र में होगा। योजना में लखनऊ से अनोरा चौकी तक मेट्रो का विस्तार प्रस्तावित है।
इससे न केवल दैनिक यात्रियों को सहूलियत मिलेगी वरन लखनऊ-बाराबंकी कॉरिडोर भी दिल्ली नोएडा की तर्ज पर हाईटेक बनेगा। रेलवे कॉरिडोर को भी एससीआर में अहम जगह दी गई है।
लखनऊ-गोंडा, लखनऊ-अयोध्या और लखनऊ-सीतापुर रेल मार्ग से बाराबंकी पहले ही पूर्वांचल और अवध का प्रमुख जंक्शन है। अब रेलवे नेटवर्क को नए ढांचे से जोड़ने की तैयारी है, जिससे माल ढुलाई और यात्री दोनों में फायदा होगा।
लखनऊ-बाराबंकी के बीच तेजी से विकसित हो रही नई कॉलोनियां, हाइवे किनारे की बस्तियां और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर इन सबको ध्यान में रखते हुए सर्वे कार्य पूरा हो रहा है। (संवाद)