सरकार ने परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों को सप्ताह में एक दिन दूध पिलाने की योजना शुरू की है। पर दूध तो दूर की बात यहां के बच्चों को साफ पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। कारण यह है कि यहां के अधिसंख्य स्कूलों में हैंडपंप फेल हैं। इन्हें खराब हुए बरसों हो चुके हैं। बावजूद इसके इनकी मरम्मत कराई नहीं जा सकी है। जिन स्कूलों में हैंडपंप पानी दे भी रहे हैं, उनका पानी इतना खारा है कि उसे आसानी से पीया नहीं जा सकता है। ऐसे में यहां के नौनिहालों समेत शिक्षकों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
मालूम हो कि प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत व विकास के लिए सप्ताह के प्रत्येक बुधवार को उन्हें दो सौ एमएल उबला दूध पिलाने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। लेकिन क्षेत्र में अधिसंख्य ऐसे विद्यालय हैं, जहां बच्चों को शुद्ध पानी तक नसीब नहीं है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक ब्लॉक हैदरगढ़ में छह से अधिक प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में लगे हैंडपंपों से बच्चों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। रामपुरबारा, सीठूमऊ, बारा, अमिलहरा, बम्हरौली आदि गांवों के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक नलों के खराब होने की लिखित सूचना विभाग को लगातार दे रहे हैं, लेकिन नलों को ठीक नहीं कराया जा सका है।
प्रथमिक विद्यालय हैदरगढ़ प्रथम में लगा हैंडपंप वर्षों से दूषित व खारा पानी निकल रहा है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय समेत अन्य परिषदीय विद्यालयों में नलों का पानी शुद्ध नहीं है। विकास खंड त्रिवेदीगंज में छंदरौली प्रथमिक विद्यालय में लगा नल तीन वर्ष से खराब है। इस वजह से यहां के बच्चों को पानी पीने के लिए गांव की आबादी में जाना पड़ता है। पोखरा के मर्दापुर प्राथमिक विद्यालय का नल काफी अर्से से टूटा है।
पूर्व माध्यमिक मोहम्मदपुर का नल कई महीनों से खराब है। सिद्धौर के दुनौली प्राथमिक विद्यालय का नल भी तीन साल से फेल है। विद्यालयों में हैंडपंप खराब होने से नौनिहालों को शुद्घ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। जिससे उन्हें दिक्कतें उठानी पड़ रही है। खंड शिक्षा अधिकारी समर अब्बास जैदी ने बताया कि नलों के खराब होने की लिखित सूचना जिला मुख्यालय को भेजी गई है। इनके ठीक न होने से पीने के साथ एमडीएम पकाने तक के लिए भी दूर से पानी लाना पड़ता है।
किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं दिया ध्यान
रामनगर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पानी के लिए नल नहीं है। जबकि कई बरसों से इस विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। प्रधान भवानी दीन के साथ ग्रामीणों ने अधिकारियों समेत विधायक, सांसद व ग्राम्य विकास मंत्री से बच्चों की सुविधा के लिए विद्यालय मेें इंडिया मार्का नल लगवाने की मांग की। पर आज तक हैंडपंप नहीं लग पाया है।इससे नौनिहालों समेत शिक्षकों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।