बाराबंकी। बड्डूपुर में बुधवार को गला कसकर हत्या करने के बाद नहर में फेंका गया शव पहेली बन गया है। बुधवार को गोंडा से आए एक व्यक्ति ने फोटो देख उसे अपनी बेटी बताया था, लेकिन बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस में रखे शव को देखकर परिवार ने कहा कि वह इनकी बेटी नहीं है। अब पुलिस युवती की पहचान कराने की भरसक कोशिश कर रही है। शव की पहचान के लिए बाराबंकी, लखनऊ व सीतापुर में दर्ज गुमशुदगी के सभी मामलों से पुलिस मिलान कर रही है। बड्डूपुर क्षेत्र में बाबा कुटी पुलिया के पास शारदा सहायक नहर किनारे बुधवार दोपहर करीब 25 साल की युवती का शव मिला था। जींस-टॉप पहने युवती का चेहरा काला पड़ गया था। शव से कुछ दूर एक शीशी व ढक्कन मिला था।
माना जा रहा है चेहरे पर कोई केमिकल डाला गया होगा। गला एक कपड़े से कसा हुआ था।
इसी मामले में बुधवार शाम गोंडा जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के बैकुंठपुर गांव निवासी फूलचंद वर्मा मौके पर पहुंचे और पहली नजर में शव को अपनी 25 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी का बताया। उन्होंने बताया था कि लक्ष्मी नवंबर में दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में अपनी मौसी के यहां गई थी और 25 मार्च से लापता थी, जिसकी गुमशुदगी 28 मार्च को दर्ज कराई गई थी।
बृहस्पतिवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस में रखे शव को जब पिता के साथ परिवार की अन्य महिलाओं ने देखा, तो सभी ने शव को लक्ष्मी होने से साफ इन्कार कर दिया। इससे मामला उलझ गया है। सीओ जगतराम कनौजिया ने बताया कि पहचान की कोशिश हाे रही है।