पहाड़ी इलाकों में कुछ दिन पूर्व हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुंच चुका है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री गिर कर सात डिग्री दर्ज किया गया। भोर से ही भीषण ठंड रही। कोहरा का असर भी तेज रहा। बह रही शीतलहरी नश्तर की तरह चुभती रही।
जिससे लोग ठिठुर उठे। कंपकंपाती ठंड के चलते लोग घरों में दुबके रहे। कई जगहों पर अलाव तक नहीं जले। जिससे आम लोगों और श्रमिकों की मुसीबत बढ़ी रही। दिनभर धूप भी नहीं निकली। शाम ढलते ही फिर से भीषण ठंड व गलन शुरू हो गई। जिसके चलते लोग ठंड से सिहर उठे।
पिछली 25 दिसंबर को पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर आखिर मैदानी इलाकों में पूरी तरह से दिखाई देने लगा है। मौसम में हुए बदलाव के चलते शुक्रवार की भोर से ही भीषण ठंड रही। कोहरा के चलते लोग परेशान रहे। रातभर ओस और कोहरे के कारण भोर में छत व सड़कें पूरी तरह से भींगी रहीं।
बह रही सर्द हवा लोगों को सुई की तरह चुभती रहीं। भीषण ठंड का असर पूरे दिन ही बना रहा। जिससे लोग घराें में ही दुबके रहे। घर के बाहर रहे लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे लेकिन तेज ठंड के चलते सब बेअसर रहा।
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री गिरकर सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। भीषण ठंड शुरू हो गई लेकिन नगर पालिका व प्रशासन ने अभी तक कई जगहों पर अलाव नहीं जलवाए हैं।
जिसके चलते आम आदमी पर कड़ाके की ठंड कहर से कम साबित नहीं हो रही हैं। बंकी ब्लॉक के सामने, बस स्टॉप, देवा तिराहा सहित कई जगहों पर अभी अलाव नहीं जल रहे हैं। शहर के बाहर कस्बा व ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभी तक अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
जिसके चलते रिक्शा चालक, टेंपो चालक, श्रमिक व आम राहगीर भीषण ठंड हलकान हैं। पटरी दुकानदार भी ठंड से परेशान रहे। सब्जी बाजार स्टेशन रोड पर दुकानदार घासफूस जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश में लगे रहे।