बाराबंकी। आवास विकास कॉलोनी स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह से फरार होने वाली किशोरी को पुलिस ने गोरखपुर से खोज निकाला। उसे फिर से राजकीय संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। पुलिस से बचने के लिए किशोरी गोरखपुर, बस्ती, वाराणसी के साथ दिल्ली तक भटकती रही।
संतकबीरनगर जिले की करीब 17 वर्षीय किशोरी को अक्तूबर 2022 में चोरी के मामले में पकड़े जाने के बाद आवास विकास कॉलोनी स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किया गया था। 26 जुलाई को किशोरी पड़ोस के मकान की छत पर कूदकर फरार हो गई थी। इस मामले में वार्डेन समेत तीन को सस्पेंड किया गया था। पुलिस की टीमें 15 दिनों से किशोरी की तलाश में जुटी थीं। बृहस्पतिवार शाम पुलिस लाइन के सभागार में एएसपी उत्तरी आशुतोष मिश्र ने बताया कि मैनुअल इंटेलीजेंस व डिजिटल डेटा की मदद से किशोरी की तलाश कर ली गई है। इस संबंध में शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया था।
मोबाइल चोरी में पकड़ी गई, 100 रुपये देकर छोड़ा
संप्रेक्षण गृह से फरार होने के बाद किशोरी की ओर से चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कही जा रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोरखपुर में एक व्यवसायी का मोबाइल फोन चोरी करने के दौरान किशोरी पकड़ी गई। शिकायतकर्ता उसे लेकर थाने जा रहे थे, मगर उसने खुद को बेसहारा बताते हुए कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया तो उस व्यवसायी ने किशोरी पर रहम दिखाते हुए 100 रुपये देकर आगे से ऐसा नहीं करने को कहा। इस दौरान किशोरी राह चलते लोगों से मोबाइल मांग कर अपनी दादी से बात करती रही।