कोठी। नूरापुर गांव में मंगलवार सुबह तालाब में घुसी भैंस को निकालने के लिए पानी में उतरी प्रवीन की पुत्री संजना (13) व अवधराम की पुत्री निधि (8) डूब गई। हादसे की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों को तालाब से निकाला। इस दौरान संजना की डूबने के कारण मौत हो चुकी थी। जबकि निधि को पहले सीएचसी फिर जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद से संजना का परिवार सदमे में है।
पुलिस के अनुसार संजना और निधि मंगलवार सुबह अपने मवेशी चराने खेत की ओर गई थीं। इसी दौरान इनकी एक भैंस गांव के बाहर स्थित अमृत सरोवर में चली गई। दोनों ने भैंस को निकालने के लिए पहले ईट-पत्थर फेंके मगर भैंस नहीं निकली। अन्य मवेशी कुछ दूर पर चर रहे थे। ऐसे में संजना तालाब में उतर गई मगर गहराई में पहुंचते ही वह डूबने लगी। संजना को संकट में देख निधि भी उसे बचाने के लिए तालाब में उतर गई लेकिन वह भी डूबने लगी। दोनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तालाब की ओर दौड़े।
ग्रामीण दोनों को किसी तरह पानी से बाहर निकाला। लेकिन तब तक संजना की मौत हो चुकी थी। निधि को सीएचसी कोठी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। थानाध्यक्ष डीपी सिंह ने बताया कि मृतका तीन बहनों में सबसे बड़ी थी उसका एक बड़ा भाई भी है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता किसान हैं।