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संजीवनी अस्पताल को कुर्क करने के लिए टीम मऊ रवाना

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बाराबंकी। माफिया मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन जिस श्याम संजीवनी अस्पताल के नाम था, उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करने के लिए देवा पुलिस टीम शनिवार को मऊ जिले के लिए रवाना हो गई। डॉ. अलका राय के करीब दो करोड़ रुपये के इस अस्पताल को डीएम अविनाश कुमार के आदेश पर रविवार को कुर्क किया जाएगा।
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बाराबंकी के एआरटीओ कार्यालय में नगर कोतवाली क्षेत्र के रफीनगर मोहल्ले के फर्जी पते पर पंजीकरण कराई गई एंबुलेंस को प्रयोग मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद होने के दौरान निजी तौर पर कर रहा था। इसका खुलासा हुआ तो यह एंबुलेंस मऊ जिले के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका डॉ. अलका राय के नाम पंजीकृत पाई। इसके बाद अप्रैल 2021 में नगर कोतवाली में जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज की गई।
पुलिस की विवेचना में 11 अन्य लोगों के नाम सामने आए। इस पर नगर कोतवाली में बीती 25 मार्च को मुख्तार अंसारी समेत 13 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। उसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की अपराध से अर्जित की गई संपत्ति को चिह्नित कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करने की रिपोर्ट डीएम को भेजी।
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डीएम के आदेश पर इस गैंग से जुड़े आरोपियों की एक-एक कर पुलिस संपत्ति कुर्क कर रही है। अब जिलाधिकारी के आदेश पर डॉ. अलका राय के करीब दो करोड़ रुपये के अस्पताल को कुर्क करने के लिए देवा कोतवाली की पुलिस शनिवार को मऊ जिले के रवाना हो गई। यह टीम रविवार को श्याम संजीवनी अस्पताल को कुर्क करेगी।
मुख्तार गैंग के इन आरोपियों पर हुई कार्रवाई
गाजीपुर के माफिया मुख्तार अंसारी के गैंग में डॉ. अलका राय, शेषनाथ राय, राजनाथ यादव, आनंद यादव, मोहम्मद सुऐब, सलीम, सुरेंद्र शर्मा, फिरोज कुरैशी, मोहम्मद शाहिद, अफरोज, जाफरी उर्फ शाहिद और जफर उर्फ चंदा पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
जब संपत्ति कुर्क किए बिना ही लौटी थी टीम
चर्चित एंबुलेंस मामले में नामजद मुख्तार अंसारी के गुर्गे जफर उर्फ चंदा की करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के लिए 31 अगस्त को देवा कोतवाली की टीम गाजीपुर के मोहम्मदाबाद पहुंची। यहां पहुंचने पर पता चला कि इस संपत्ति को पहले ही गाजीपुर के डीएम के आदेश पर कुर्क कर दिया गया। ऐसे में पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा।
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