बाराबंकी। स्वच्छता के मामले में शहर की स्थिति अब बेहतर होने लगी है। शनिवार को स्वच्छता सर्वेक्षण के जारी आंकड़ों में 25 हजार से कम आबादी वाले शहरों में जिले की नगर पालिका नवाबगंज को पूरे प्रदेश में चौथी रैंक मिली है। जबकि पिछले साल नगर पालिका इसी श्रेणी में 349वें पायदान पर थी। स्वच्छता रैंकिंग में विशेष उपलब्धि हासिल करने के बावजूद शहरवासी अभी भी खाली पड़े प्लाटों में भरे कूड़ा कचरे और सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता की बदहाल स्थिति से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।
नगर पालिका नवाबगंज का क्षेत्र ही बाराबंकी की मुख्य शहरी इलाका है। यह जिले की एकमात्र नगर पालिका है। वर्ष 2019 में जारी स्वच्छता रैंकिंग में इसको प्रदेश में तीसरा स्थान मिलने पर पुरस्कृत भी किया जा चुका है। लेकिन इसके बाद से हर साल नगर पालिका क्षेत्र की स्वच्छता रैंकिंग लगातार गिर कर खराब होती गई।
इसमें अपेक्षित सुधार लाने के लिए पालिका प्रशासन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी से लेकर क्षेत्र के लोग भी एकजुट हो कर जुटे थे। इसके चलते ही इस बार सभी को अच्छी रैंकिंग आने की उम्मीद थी। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि शनिवार को स्वच्छता सर्वेक्षण के जो आंकड़े जारी हुए है उसमें नगर पालिका को 25 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी की रैंकिंग में प्रदेश में चौथा स्थान मिला है।
सर्वे में पाया गया कि डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने, बाजारों में सफाई व्यवस्था, आवासीय इलाकों में सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई और जल स्रोत के संरक्षण में स्वच्छता संतोषजनक रही। हालांकि क्षेत्रीय निवासियों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में प्रदर्शन ज्यादा संतुष्टिजनक नहीं दिखा। सर्वे में ऐसी शिकायतों का निवारण 50 से 75 फीसदी ही मिला। इतना ही नहीं सड़कों व पब्लिक शौचालय की सफाई की स्थिति भी सर्वे में बस संतोषजनक स्तर तक रही।
वाहनों में जीपीएस, ड्यूटी स्थल निर्धारित
ईओ पवन कुमार ने बताया कि बीते एक साल में नगर पालिका के पास संसाधन बढ़ने पर घर-घर कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा लगाए गए। उनके ड्यूटी स्थल निर्धारित किए गए। नागरिकों को उनके मोबाइल नंबर दिए गए। ककरहिया में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगा होने के कारण कूड़ा समय से उठता रहा। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी वाहनों को जीपीएस सिस्टम युक्त बना कर इसकी नियमित मॉनीटरिंग भी कराई जाती है। संसाधनों में हुई बढ़ोत्तरी से ही 400 से अधिक सफाई कर्मियों वाली नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण में विशेष रैंकिंग मिली।
आबादी तीन लाख मगर सर्वे 25 हजार वाला
नगर पालिका नवाबगंज को प्रदेश में चौथी रैंक मिली है तो वह 25 हजार से कम आबादी वाली शहरों वाली श्रेणी के तहत मिली है। जबकि वर्तमान में शहर की आबादी करीब तीन लाख आंकी जा रही है। नगर पालिका के ईओ पवन कुमार व अन्य अधिकारी भी इसे लेकर चर्चा करते रहे क्योंकि वर्ष 2011 में ही नगर पालिका क्षेत्र की आबादी करीब 80 हजार थी।