निंदूरा (बाराबंकी)। वन विभाग की टीम शनिवार को दिनभर आसपास के जंगलों में तेंदुए की तलाश में कांबिंग करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। उधर, तीसरे दिन भी गांव के लोगों में तेंदुए को लेकर दहशत है। वन विभाग की टीम कीचड़ में बने पंजों के निशान से लकड़बग्घा होने की पुष्टि कर रही है।
घुंघटेर थाना क्षेत्र के अमावां मजरे बाबापुरवा गांव निवासी अंबिका प्रसाद शुक्ल घर के दरवाजे पर बंधी गाय के लिए भूसा लेने हाते में गए थे। जहां पर तेंदुआ बैठा देखा। उन्होंने आसपास लोगों को इसकी जानकारी दी। मौके पर लोगों की आहट देख तेंदुआ जंगल की तरफ भाग निकला। तेंदुआ देखे जाने की जानकारी होते ही गांव में हड़कंप मच गया।
जानकारी पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जंगली जानवर के पदचिह्नों से लकड़बग्घा होने की पुष्टि की थी। लेकिन गांव के लोगों की तेंदुए होने की आशंकाओं के चलते वन विभाग की टीम दिनभर आसपास के जंगलों में कांबिंग करती रही। वन दरोगा मनोज यादव ने बताया कि कीचड़ में बने पंजों के निशान से लकड़बग्घा होने की पुष्टि हुई थी। फिर भी ग्रामीणों की शंकाओं के चलते दिनभर टीम आसपास के जंगलों में कांबिंग कर रही है।