सिरौली गौसपुर (बाराबंकी)। 50 से कम छात्र संख्या वाले सरकारी स्कूलों को पेयरिंग कर बंद किया जा रहा है। ऐसे में कुछ शिक्षकों ने अपने नवाचार से न सिर्फ स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाई वरन स्कूल में बच्चों की नियमित उपस्थिति में बेहतर बनाई। इससे उनका स्कूल पेयरिंग के दायरे में आकर बंद होने से बच गया। इसके लिए स्कूल के शिक्षक ने नियमित तौर पर अभिभावकों को फोन कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक बनाने का काम किया।
सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय महमदपुर में अप्रैल में छात्र संख्या 46 रह गई थी। ऐसे में अगले सत्र में यह विद्यालय बंद होने वाले स्कूल की सूची में जाना तय था। विद्यालय के अध्यापक विजय सिंह यादव ने मई व जून में हुई गर्मी की छुट्टी में पहले गांव में अभिभावकों के घर-घर जाकर जन संपर्क उनके फोन नंबर लिए। फिर जुलाई में विद्यालय खुलते ही सभी सभी अभिभावकों को हर दिन फोन पर बच्चों का दाखिला स्कूल में कराने व उन्हें नियमित तौर पर स्कूल भेजने के प्रेरित किया। इससे विद्यालय में पंजीकृत बच्चों की संख्या 52 हो जाने से प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर पेयरिंग के तहत बंद होने वाले स्कूलों की सूची में आने से बच गया।
इंचार्ज प्रधानाध्यापक विजय सिंह ने बताया कि वह प्रति दिन 15 अभिभावकों को फोन कर उनके बच्चों के बारे में बताते और फीडबैक लेते हैं। जो बच्चा विद्यालय नहीं आता है, उसके बारे में अभिभावक से पूछते हैं।