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20 हजार मकानों से नहीं मिल रहा टैक्स

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बाराबंकी। शहर की सीमा विस्तार होने के पांच साल बीतने को है। इसके बाद भी अब तक नगर पालिका प्रशासन अपनी आय बढ़ाने के लिए नए इलाके के घरों से टैक्स नहीं वसूल पा रहा है। इसमें जो नियम है उसके मुताबिक यदि घर दो मंजिला है तो दोगुना टैक्स भरना होगा। घर पर किराएदार हैं तो डेढ़ गुना और यदि कामर्शियल है तो तीन गुना टैक्स लोगों को देना होगा। शहर में अभी बीस हजार मकान मालिक ऐसे हैं, जो टैक्स नहीं दे रहे है। अब नगर पालिका प्रशासन ने इन सभी को नोटिस जारी किया है।
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वर्ष 2016 में नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार हो गया था। इसके बाद अब यहां 29 वार्ड हो गए हैं। सीमा विस्तार होने के बाद लखपेड़ाबाग, दीनदयाल नगर, फजुल्लागंज, बनवा, आलापुर, मकदूमपुर, महुवारी का पुरवा, विजय नगर, आवास विकास आदि इलाके नगर पालिका का हिस्सा बन चुके है। सीमा विस्तार से पहले नगर पालिका प्रशासन सिर्फ 11 हजार घरों से टैक्स वसूल पा रहा था। लेकिन अब नए सर्वे के बाद करीब 35 हजार मकान यहां हो गए है। अभी सिर्फ पंद्रह हजार लोगों के घरों का ही टैक्स जमा हो रहा है।
जबकि बीस हजार ऐसे मकान हैं, जो टैक्स नहीं दे रहे है। नगर पालिका प्रशासन ने इन सभी को टैक्स जमा करने के लिए नोटिस जारी किया है। शहर में जो नए इलाके नगर पालिका का हिस्से में शामिल हुए हैं वहां पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। पेयजल के इंतजाम नहीं, जलनिकासी की व्यवस्था नहीं, सफाई भी नहीं। ऐसे में लोग टैक्स देने से कतरा रहे हैं। ज्यादातर लोगों का यही कहना है कि जब नगर पालिका की सुविधाएं इलाके में मिलेगी, तभी टैक्स देने का काम भी किया जाएगा।
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ईओ नगर पालिका परिषद पवन कुमार ने बताया कि सीमा विस्तार के बाद जो नए इलाके शामिल हुए हैं, वहां के तमाम घरों से अभी टैक्स नहीं मिल रहा है। इस समय करीब 15 हजार मकान से टैक्स वसूली होती है। जिससे करीब तीस लाख का राजस्व एक साल में आता है। अन्य मकानों से भी टैक्स वसूलने के लिए संबंधित को नोटिस भेजा गया है। मोहल्लों में मूलभूत सुविधाओं को भी बढ़ाया जा रहा है।
ऐसे होता टैक्स का निर्धारण
नगर पालिका के के अधिकारियों के मुताबिक शहर में यदि किसी का एक हजार स्क्वायर फुट का आवासीय एक मंजिल का घर है तो उसको एक साल में करीब पंद्रह सौ रुपये टैक्स देना होगा। यदि घर दो मंजिला है तो टैक्स दोगुना हो जाएगा। इसी तरह जितनी मंजिल का घर होगा उतना टैक्स बढ़ता जाएगा। घर में यदि किराएदार रखा है तो डेढ़ गुना टैक्स देना होगा। यदि परिसर कामर्शियल है तो एक हजार स्क्वायर फुट का 45 सौ रुपये टैक्स होगा। इसी तरह कोई भी व्यक्ति खुद ही अपने मकान का टैक्स निर्धारण कर नगर पालिका में जाकर जमा कर सकता है।
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