सिद्धौर। ब्लॉक क्षेत्र में धान क्रय केंद्रों पर खरीद सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। प्रतिदिन प्रति केंद्र 300 क्विंटल धान खरीदने का मानक है, लेकिन बोरे की कमी, मशीन खराब होने, या पहले से खरीदे गए धान की उठान न होने का बहाना बताकर किसानों को लौटाया जा रहा है। टोकन लेकर किसान लगातार भटक रहे हैं।
सेमारावां क्रय केंद्र पर शनिवार तक केवल 28 किसानों से 1,900 क्विंटल धान की खरीद हुई है। केंद्र प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि राइस मिल से एग्रीमेंट न होने के कारण उठान शुरू नहीं हुआ, जिससे अब धान रखने की जगह नहीं बची है और तौल प्रभावित है।
वहीं दिबियापुर-फिरोजाबाद केंद्र पर भी लगभग 2,100 क्विंटल खरीद हुई है, पर उठान न होने से तौल प्रभावित है। केंद्र की मशीन में लोकेशन गलत फीड होने के कारण प्रभारी को हाजिरी लगाने और किसानों का अंगूठा लगवाने के लिए एक किलोमीटर दूर कोठी चौराहे तक जाना पड़ता है।
उस्मानपुर केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार और कोठी केंद्र प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि लगभग 2,000 क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है, जिससे आगे की खरीद मुश्किल हो गई है। केंद्र प्रभारियों ने तत्काल धान उठान कराने की मांग की है। एडीओ कोऑपरेटिव चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि धान उठान को लेकर कुछ समस्याएं थीं, लेकिन अब जल्द ही राइस मिल मालिकों द्वारा सभी क्रय केंद्रों पर धान का उठान शुरू करा दिया जाएगा।