मसौली (बाराबंकी)। ताजिया लेकर जा रहे तीन लोगों को मंगलवार रात थाने पर बैठाने के मामले में हुए विवाद के बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू की है। इस मामले में ग्रामीणों द्वारा हाईवे जामकर पथराव करने वाले नौ लोगों को नामजद करते हुए 150 लोगों के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया है। बुधवार को जिले की कई थानों की पुलिस पीएससी एवं वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस मामले में पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में 51 लोगों को जेल भेज दिया है।
मंगलवार की देर शाम मसौली थाना क्षेत्र में कस्बा शहाबपुर निवासी अली हुसैन ,वैस, जुबेर ग्राम सुरसंडा से ताजिया खरीदकर घर ले जा रहे थे। तभी शहाबपुर चौराहे पर मौजूद हेड कांस्टेबल रामदुलारे यादव ने तीनों ताजियादारों को रोककर प्रभारी निरीक्षक विजेंद्र शर्मा को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक ने ताजियों सहित तीनों ताजियादारों को थाने ले आये, जिसकी जानकारी फैलते ही दोनों गांवों के सैकड़ों लोग हाईवे पर निकल आये और करीब दो घंटे तक हाईवे को जाम रखा।
इस दौरान वाहनों पर भीड़ ने पथराव भी किया। हालात बेकाबू होते देख कई थानों की पुलिस सहित पीएससी व अपर पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम, उप जिलाधिकारी सदर अभय कुमार पांडेय, क्षेत्राधिकारी सिटी ससीमा यादव, सीओ रामनगर दिनेश कुमार दुबे ने थाने पर मौजूद तीनों ताजियादारों एवं ताजियों को लाकर मामले को शांत कराया। इस मामले में बुधवार को उपनिरीक्षक धनीराम वर्मा की तहरीर पर तीनों ताजियादार अली हुसैन, वैस, जुबेर, मुन्ना ,रज्जब, इमरान कसगर, हसन तेली, चांद बाबू, फैजान सहित नौ लोगों को नामजद व 150 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के साये में रहे दोनों गांव
मंगलवार को हुए बवाल के बाद ग्राम सुरसंडा व कस्बा शहाबपुर पुलिस एवं पीएसी के पहरे में रहे। एसपी डॉ अरविंद ने दोनों गांवों का भ्रमण किया और कोरोना महामारी के दौरान बवाल करने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये। बुधवार को थाना मोहम्मदपुर खाला, थाना रामनगर, जहांगीराबाद, कोतवाली नगर, फतेहपुर, हैदरगढ़, असन्द्रा सहित कई अन्य थानों की पुलिस मौजूद रही। अपर पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम , क्षेत्राधिकारी रामनगर दिनेश कुमार दुबे, सीओ सदर पूरे दिन शहाबपुर में मौजूद रहे।
शहाबपुर चौराहे की बंद रहीं दुकानें
बुधवार की पहली किरण के साथ भारी पुलिस की मौजूदगी देख गांव के लोग सहम गय्रे। अपने घरों में दुबके रहे। हमेशा चहल पहल रहने वाले शहाबपुर चौराहे की सारी दुकानें बन्द रही और सन्नाटा छाया रहा। और पुलिस की आवाजाही से सहमे रहे।