बाराबंकी के जैदपुर कस्बे में बना पावर हाउस।
बाराबंकी। बारिश में बिजली की खपत कम होने के बाद भी जिले में आपूर्ति बाधित होने लगती है। कारण है कि यहां दो-तीन उपकेंद्र ऐसे हैं, जिनमें पानी भर जाता है। अब केंद्रों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हुई है। इनपर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। बिजली उपकेंद्रों को अपग्रेड किए जाने से जहां लाखों के उपकरण फुंकने से बचेंगे, वहीं आपूर्ति निर्बाध रहेगी।
हैदरगढ़ के उपकेंद्र देवीगंज, रामसनेहीघाट डिवीजन के जैदपुर और शहर में गोंडा रोड पर स्थित पल्हरी उपकेंद्र बरसात में कब आपूर्ति बंद कर दें, इसका कोई भरोसा नहीं। पिछले साल शहर में जलभराव के दौरान पल्हरी स्थित उपकेंद्र में करीब दो सप्ताह तक पानी भरा रहा। इससे आधा शहर ही नहीं बल्कि करीब 50-60 गांव में आपूर्ति दो दिन तक बाधित रही। लाखों के उपकरण तो नष्ट हुए ही, साथ ही मरम्मत और जलभराव खत्म करने के कार्य में कई लाख की कीमत का डीजल फुंक गया।
कुछ ऐसा ही हाल है जैदपुर के उपकेंद्र का है। बारिश के महीने में यह बिजली उपेंद्र अक्सर खराब हो जाता है और आपूर्ति बंद हो जाती है। इस उपकेंद्र की सतह नीचे है, जिससे आसपास का पानी भी उपकेंद्र की तरफ आ जाता है। सौ से अधिक गांव इस बिजली उपकेंद्र के भरोसे हैं। इसी प्रकार रामसनेहीघाट हैदरगढ़ मार्ग पर देवीगंज के पास स्थित उपकेंद्र भी बारिश में जलभराव की समस्या से जूझता है। अधिकारियों के अनुसार इन केंद्रों की दशा सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए फीडर व उपकरणों को पक्का निर्माण कर ऊंचा किया जाएगा। मिट्टी की पटाई भी होगी।
पावर कॉरपोरेशन ऐसे उपकरणों का प्रयोग करना चाहता है जो बारिश में भी काम करें। इन तीनों पावर स्टेशन की हालत सुधारने में करीब पांच करोड़ रुपये का खर्च आएगा, लागत बढ़ भी सकती है। अधिशासी अभियंता पीके गौतम ने बताया कि देवीगंज बिजली उपकेंद्र में कंट्रोल रूम का विस्तारीकरणा किया जा रहा है। एक अलग फीडर भी बनाया जाएगा, जिससे नलकूप उपभोक्ताओं के कनेक्शन जोड़े जाएंगे। कार्यदायी संस्था एनसीसी द्वारा कार्य कराया जा रहा है।