कोटवाधाम/सूरतगंज (बाराबंकी)। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे का लाल निशान पार करते हुए 14 सेमी ऊपर चला गया। उफनाई नदी का पानी दोनों किनारों से होते हुए गांवों में भरने लगा है। सड़क व कई रास्ते भी डूब गए हैं। नदी का विकराल रूप देख लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। जलस्तर प्रति घंटे दो सेमी की गति से बढ़ रहा है। सिरौलीगौसपुर व रामनगर तहसील क्षेत्र के 39 गांव पानी से घिर गए हैं। चार गांवों का संपर्क टूट सकता है।
एल्गिन ब्रिज पर नदी के जलस्तर का चेतावनी बिंदु 105.070 मीटर व खतरे का निशान 106.070 मीटर है। नेपाल के बैराजों से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से रविवार को नदी चेतावनी बिंदु पार करने के बाद घटी थी मगर रात में पहाड़ों पर बारिश के कारण जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया।
सोमवार सुबह से नदी दो सेमी प्रतिघंटा की गति से बढ़नी शुरू हुई। दोपहर तक खतरे का लाल निशान पारकर नदी 14 सेमी ऊपर पहुंच गई। शाम तक जलस्तर 106.216 मीटर पहुंच गया। तलहटी में बसे सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के इटाहुआ पूर्व गांव को जाने वाली सड़क पानी में डूब गई। गांव के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना प्रारंभ कर दिया है। घास-फूस की मड़ैया लेकर तटबंध पर आने लगे हैं।
वहीं, रामनगर तहसील क्षेत्र में सरयू के पानी ने बेलहरी गांव से होकर सुंदरनगर को अपने आगोश में लेते हुए, ललपुरवा, कोडरी व बाबा पुरवा गांव को चारों ओर से घेर लिया है। पानी बढ़ा तो इन गांवों से संपर्क टूट जाएगा।
नावें लगाईं मगर नहीं बनी बाढ़ चौकी
तेलवारी, गोबरहा, कहारनपुरवा, टेपरा, सरायसुर्जन, भैरवकोल, सनावा, सिरौलीगुंग, बीहड़, बघौलीपुरवा, कोठीडीहा, परसा भयकपुरवा, सरदहा, घुटरू, नव्वनपुरवा, माझारायपुर परसावल व बेहटा आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। प्रशासन ने तेलवारी के पास चार, सनावा के पास पांच व टेपरा के पास तीन नावें लगा दी हैं मगर बाढ़ चौकी नहीं बनी है।
बन रहे 15 अस्थायी राहत शिविर व 10 बाढ़ चौकी
बाढ़ को लेकर रामनगर, सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसीलों में अलर्ट है। लेखपालों को लगा दिया गया है। कंट्रोल रूम बनाकर निगरानी की जा रही है। 10 बाढ़ चौकी बनाई जा रही है। कई बन गई हैं। 15 अस्थायी राहत शिविर बनाए जा रहे हैं।
- अरुण कुमार, एडीएम
रेगुलेटर में रिसाव की सूचना से हड़कंप
अलीनगर रानीमऊ तटबंध के इस पार बारिश का पानी नदी में जाने के लिए बनाए गए रेगुलेटर में सोमवार सुबह रिसाव की सूचना से हड़कंप मच गया। इसके बाद बाढ़ खंड के चौकीदार सहित ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे और जेसीबी से इसको सही करवाया गया। हालांकि रिसाव की पुष्टि किसी ने नहीं की। वहीं, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत अधिकारियों के साथ नदी किनारे डेरा डाले रहे। उन्होंने बताया कि रिसाव की कोई सूचना नहीं है।