बाराबंकी। कोरोना महामारी के चलते आठ माह से बंद चल रहे महाविद्यालय 23 नवंबर से खुल रहे हैं। कोविड़-19 के प्रोटोकॉल का पूरा पालन कराते हुए कॉलेज प्रशासन ने 50 फीसदी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति की तैयारी की है।
कॉलेज के कमरों को दो बार सैनिटाइज कराने के साथ हैंडवॉश और मास्क लगाने के बाद ही छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग के बीच बैठाया जाएगा। प्रदेेश सरकार द्वारा इसकी अनुमति दिए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने तैयारियां को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
मार्च के अंतिम सप्ताह से कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करा दिया था। करीब आठ माह के लंबे अंतराल के बाद 23 नवंबर से महाविद्यालयों को खोले जाने के साथ पठन-पाठन शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद जिले के दो एडेड, दो सरकारी और 54 वित्तपोषित समेत कुल 58 महाविद्यालयों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 50 फीसदी छात्र-छात्राओं को बुलाया गया है।
इससे पहले इन सभी शिक्षण संस्थानों में हैंडवॉश, मास्क आदि की व्यवस्था की गई है। बिना मास्क कॉलेज आने वाले छात्रों को प्रवेश न दिए जाने की बजाय उन्हें मास्क देकर अंदर भेजा जाएगा।
आठ माह बाद शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से कोविड-19 को ध्यान में रखकर विषयों का टाइम टेबल तैयार किया गया है ताकि संबंधित विषयों में पंजीकृत छात्र-छात्रों को बुलाकर उन्हें कक्षाओं में निर्धारित दूरी के बीच बैठाया जा सके। इसके अलावा दिन में दो बार कॉलेज परिसर को सैनिटाइज कराने की भी व्यवस्था की गई है।
जनेस्मा के प्राचार्य डॉ. आरएस यादव ने बताया कि आठ माह बाद कॉलेज खुल रहे हैं ऐसे में बच्चों के पठन-पाठन को लेकर कॉलेज प्रशासन पूरी तरह तैयार है। कोविड-19 का पूरा पालन कराते हुुए आने वाले छात्र-छात्राओं को हैंडवॉश कराने के बाद कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा। सामाजिक दूरी बनी रहे, इसके लिए टाइम टेबल तैयार किया गया है। मास्क आदि की भी व्यवस्था कॉलेज में रहेगी। 50 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को बुलाया गया है।
जनेस्मा के प्रॉक्टर डॉ. शार्दुल विक्रम सिंह ने बताया कि कॉलेज में पहले से ही ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। ऐसे में 23 नवंबर से कॉलेज खुलने से ऑफलाइन रूप से भी पठन-पाठन शुरू हो जाएगा। इस सत्र में जितने प्रवेश कॉलेज में हुए हैं, उसके हिसाब छात्र-छात्राओं के बैठने की पूरी व्यवस्था है। वहीं अभी नए प्रवेश हुए हैं, कॉउंसिलिंग, वैरिफिकेशन आदि जैसे कार्य होने हैं तो ऐेसे में बच्चों की अधिक संख्या जैसी कोई समस्या नहीं है। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन द्वारा कोरोना महामारी को देखते हुुए प्रोटोकॉल का पूरा पालन कराया जाएगा।