बाराबंकी। सरकारी विद्यालयों के विलय को लेकर जारी विरोध के बीच आखिरकार एक राहत भरी खबर आई है। खराब रास्तों, अधिक दूरी और संसाधनों की कमी के कारण जिले के 36 परिषदीय विद्यालयों में दोबारा पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद जगी है।
अभिभावकों के विरोध और बच्चों की मांग को ध्यान में रखते हुए इन विद्यालयों में फिर से कक्षाएं प्रारंभ कराने के लिए परीक्षण किए जाने का निर्देश दिया गया है। कुछ गांवों में तो पेयरिंग के बाद बंद हुए स्कूलों का संचालन पुन: शुरू कर दिए जाने से बच्चों में काफी खुशी है।
जिले में छात्र संख्या 50 से कम होने के कारण 138 परिषदीय विद्यालयों को बंद कर, उन्हें आसपास के विद्यालयों में पेयर किया गया था।
अधिकांश विद्यालयों की पेयरिंग का विरोध करते हुए अभिभावकों व ग्रामीणों ने स्कूलों का संचालन गांव में ही संचालित किए जाने की मांग की। सिद्धौर ब्लॉक के अरुई और छूलापाही गांवों में पेयरिंग के बाद बच्चों की संख्या 50 से अधिक हो गई थी, जिससे इन्हें बंद करने का मामला अटक गया था। इस बीच एक से 15 जुलाई तक चले विशेष नामांकन अभियान में ऐसे 36 विद्यालयों को चिन्हित किया है, जहां बच्चों की संख्या 50 से अधिक हो गई। अब फिर से इन विद्यालयों में पढ़ाई शुरू कराने के लिए परीक्षण किया जा रहा है।