बाराबंकी। शहर कोतवाली का नजारा मंगलवार को बदला सा दिखा। यहां पुलिसकर्मियों की जगह स्कूल के विद्यार्थी नजर आ रहे थे। उन्होंने साइबर सेल व महिला हेल्प डेस्क से लेकर कोतवाली के कार्यालय और कंप्यूटर रूम में संचालित काम काज को करीब से देखा। उन्होंने कोतवाली में होने वाले कामकाज की बारीकियों को भी समझा।
अमर उजाला द्वारा आयोजित दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत राजकीय इंटर कॉलेज और आवास विकास स्थित ब्राइट फ्यूचर एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने कोतवाली का भ्रमण किया। सुबह करीब 11 बजे से शुरू कार्यक्रम में दोनों स्कूलों के कक्षा आठ से इंटर तक के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
सबसे पहले उन्होंने शहर कोतवाल से लेकर सब इंस्पेक्टर, सिपाही और होमगार्ड तक की वर्दियों की पहचान की और उनके कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि काम काज के लिए कोतवाली 24 घंटे खुली रहती है। इसके बाद बच्चों ने साइबर डेस्क और महिला हेल्प डेस्क पर होने वाले काम को। इसी दौरान एक महिला अपनी शिकायत लेकर हेल्प डेस्क पर पहुंची। विद्यार्थियों ने देखा कि पुलिस कैसे पीड़ितों की शिकायत को सुनकर कार्रवाई तय करती है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने कोतवाली कार्यालय का निरीक्षण करने के साथ ही ड्यूटी पर मौजूद दीवान, दिवस अधिकारी व एसएसआई से मुलाकात कर उनके द्वारा किए जाने वाले काम काज के तौर तरीके को समझा। उन्हें शिकायत दर्ज करने से लेकर इसकी जांच आख्या लिखने के लिए बनाए जाने वाले अलग-अलग रजिस्टर भी दिखाए गए। कोतवाली की हवालात पहुंचकर विद्यार्थी कौतूहल से भर गए।
उन्हें समझाया गया कि यहां अभियुक्तों को अस्थायी तौर पर रखा जाता है, फिर न्यायालय में पेशी के बाद जेल भेजा जाता है। कंप्यूटर रूम में कर्मचारियों ने दिखाया कि शिकायतें दर्ज होने के बाद इंटरनेट पर कैसे अपलोड की जाती हैं। शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बच्चों को बताया कि पुलिस कर्मियों को 24 घंटे ड्यूटी करना पड़ती है। ब्राइट फ्यूचर एकेडमी की छात्रा आराध्या ने बताया कि पहली बार कोतवाली को अंदर देखना व पुलिस अफसरों से बिना झिझक व परेशानी से बातचीत करना काफी अच्छा लगा।