बाराबंकी। सागर इंस्टीट्यूट में बी फार्मा के एक छात्र का शव शुक्रवार की भोर कॉलेज के पीछे रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। स्टेशन मास्टर की सूचना पर आरपीएफ व मसौली पुलिस मौके पर पहुंची। शव की शिनाख्त होने के बाद परिजनों को सूचना देकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो छात्र के कमरे में एक सुसाइड नोट मिला।
बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के गोपीनाथपुर निवासी चंद्रभान प्रजापति वेल्ंिडग का काम करते हैं। उनका बेटा योगेश प्रजापति जिले में अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर स्थित सागर इंस्टीट्यूट में बी फार्मा प्रथम वर्ष का छात्र था। शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे मसौली के स्टेशन मास्टर ने रेलवे ट्रैक पर शव पड़े होने की सूचना डायल 112 व आरपीएफ को दी।
मौके पर पहुंची आरपीएफ व मसौली पुलिस ने देखा कि छात्र रेलवे ट्रैक के अंदर औंधे मुंह पड़ा था। उसका चेहरा व सिर क्षतविक्षत था। कुछ दूरी पर पड़े मोबाइल से उसकी शिनाख्त हुई। पुलिस ने तलाशी ली तो छात्र की जेब में एक चाबी मिली। जिस पर पुलिस ने उसके किराए के कमरे पर जाकर ताला खोलकर अंदर तलाशी की तो तकिए के नीचे अंग्रेजी में लिखा एक सुसाइड नोट मकिला।
इसकी सूचना पुलिस ने परिवारीजनों को देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में लिखा था कि मैं जो जिंदगी जीना चाहता हूं वह जी नहीं पा रहा हूं। मैं मम्मी-पापा को और परेशान नहीं करना चाहता हूं।
कॉलेज के पास ही किराए पर था छात्र
सागर इंस्टीट्यूट के पास ग्रीन गार्डेन सिटी में ही अमित सिंह के मकान में छात्र योगेश किराए पर कमरा लेकर रहता था। एक कमरे में मकान मालिक तो दूसरे में योगेश तथा तीसरे कमरे में गोंडा जिले के निवासी अभिषेक शुक्ला व दीपक तिवारी रहते हैं। सभी एक साथ खाना खाते थे।
अभिषेक ने बताया कि बृहस्पतिवार को योगेश नौ बजे तक वापस कमरे पर नहीं आया तो उसने योगेश को फोन किया। जिस पर उसने कहा कि तुम दोनों खाना खा लो, वह देर से आएगा। मगर, 11 बजे तक न आने पर अभिषेक ने दोबारा कॉल की। जिस पर योगेश ने गेट बंद करने की बात कही। उसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया।
बच्चों को ट्यूशन देता था योगेश
छात्र के पिता चंद्रभान ने बताया कि उसका बेटा योगेश कॉलोनी में ही कुछ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। दो दिन पहले वह दिल्ली में अपने ताऊ की बेटी के वैवाहिक समारोह में शामिल होकर यहां आया था। बृहस्पतिवार को वह कमरे से ट्यूशन पढ़ाने निकला था। उस समय उसने घर पर फोन किया था। उसकी बात छोटे भाई-बहन से हुई थी। उसके बाद योगेश ने सुसाइड क्यों किया इसको लेकर वह कोई ठोस कारण नहीं बता सके।