बाराबंकी। तेज आंधी और बारिश के चलते बुधवार रात बिजली व्यवस्था चरमरा गई। लाइनों पर पेड़ गिरने, खंभे टूटने और तकनीकी खराबियों के कारण जिले के करीब 900 गांवों और कई शहरी मोहल्लों में बिजली आपूर्ति घंटों ठप रही। इससे करीब 11 लाख लोगों को भीषण गर्मी और पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
सूरतगंज, रामनगर, रामसनेहीघाट, मसौली, बाबागंज और कुर्सी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहे, जहां विभागीय टीमें दिनभर आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं। जिले में 1166 ग्राम पंचायतें और 12 नगरीय क्षेत्र हैं। आंधी-पानी से लगभग सभी जगह आपूर्ति प्रभावित हुई।
शहर के आवास विकास, कोठीडीह, हनुमंत नगर, गोकुल नगर समेत सात मोहल्लों की बिजली आपूर्ति बृहस्पतिवार सुबह करीब एक घंटे बाधित रही। इसके बाद भी दिनभर बार-बार ट्रिपिंग होती रही, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी।
जैदपुर उपकेंद्र के सिद्धौर फीडर की ट्रॉली में तकनीकी खराबी आने से करीब 25 गांवों की बिजली आपूर्ति दो दिनों से बंद है। इससे करीब तीन हजार लोग और 100 से अधिक नलकूप प्रभावित हैं। शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
रामनगर क्षेत्र के करीब 100 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। फाॅल्ट ठीक करने के बाद अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल की गई। सूरतगंज उपकेंद्र की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से करीब 250 गांवों के लोग 14 घंटे से अधिक समय तक बिजली संकट से जूझते रहे।
मसौली क्षेत्र में 33 केवी लाइन में फाॅल्ट आने से पिपरौली, बांसा, जकरिया, सैदनपुर सहित आधा दर्जन फीडरों की बिजली करीब नौ घंटे बाधित रही। लगभग दो लाख लोग प्रभावित हुए। बाबागंज उपकेंद्र से जुड़े करीब 110 गांवों में छह घंटे तक बिजली गुल रही, जबकि मल्लावा क्षेत्र में आपूर्ति करीब 10 घंटे बाधित रही। दोनों क्षेत्रों में करीब एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।
मेन लाइन पर गिरा पेड़
कोटवाधाम में मेन लाइन पर पेड़ गिरने से कोटवाधाम उपकेंद्र के 65 गांवों की बिजली करीब पांच घंटे बाधित रही। सुबह मरम्मत के बाद आपूर्ति बहाल की गई। सिरौलीगौसपुर में हाईटेंशन लाइन पर बांस गिरने से डूडी फीडर से जुड़े करीब 35 गांवों की बिजली आठ घंटे तक बंद रही। करीब 65 हजार लोग प्रभावित हुए।
दुलाहदेपुर और रामसनेहीघाट पावर हाउस से जुड़े कई फीडरों में बिजली खंभे गिरने और तार टूटने से करीब 300 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई। लगभग तीन लाख लोग प्रभावित रहे। अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई।
सीधे कराए खंभे
अधीक्षण अभियंता भविष्य कुमार सक्सेना ने बताया कि तेज हवाओं व बारिश से हुए फाॅल्ट को दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई है। जहां बिजली के खंभे तिरछे हो गए तो उसे सीधा करा दिया गया है। खंभा टूटने की सूचना नहीं है।