बाराबंकी। करीब 27 साल पुराने दहेज उत्पीड़न के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सक्षम द्विवेदी की कोर्ट ने वादी के बयान से मुकर जाने पर तीन आरोपियों पुरुषोत्तम, आनंद कुमार पाठक और कुसुम को दोषमुक्त मानते हुए बरी करने का आदेश दिया। इस मामले के विचारण के दौरान आरोपी पति रज्जनलाल सहित दो की मौत चुकी है। मुकदमे के वादी ने अदालत में अपने बयान से मुकरते हुए कहा कि उसने गुस्से में आकर दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र के लोधे का पुरवा गांव निवासी नरसिंह नाथ पांडेय ने 10 सितंबर 1999 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वर्ष 1999 में उन्होंने अपनी बहन विद्या देवी की शादी रामसनेहीघाट के कोटवा सड़क निवासी रज्ज्नलाल पाठक से की थी। आरोप था कि ससुराल वाले बाइक और टीवी की मांग को लेकर बहन को प्रताड़ित करते थे। मामले में पति सहित पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी ने अदालत में कहा कि बहन के मायके आने से वह गुस्से में था और इसी वजह से रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।