बाराबंकी। आम जनता की सुविधा के लिए लगाए गए हेल्थ एटीएम काम नहीं आ रहे हैं। कहीं हेल्थ एटीएम बंद रहते हैं तो कहीं नेटवर्क की समस्या रहती है। इससे जांच नहीं हो पा रही है। वहीं जांच कराने के लिए लोग भटकते रहते हैं।
जिले में 11 अस्पतालों में करीब 44 लाख रुपये की लागत से हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। ये हेल्थ एटीएम पीएचसी बड्डूपुर, त्रिलोकपुर, सीएचसी फतेहपुर, सूरतगंज, रामनगर, सिरौलीगौसपुर, टिकैतनगर, रामसनेहीघाट, बड़ागांव, कोठी और हैदरगढ़ में लगाए गए हैं। यहां एक साथ करीब 32 प्रकार की जांचें की जा सकती हैं। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते इनमें से ज्यादातर हेल्थ एटीएम आए दिन बंद रहते हैं। कहीं पर तर्क दिया जाता है कि नेटवर्क नहीं है, कहीं पर कहा जाता है कि किट खत्म हो गई है।
लोगों का आरोप है कि जिम्मेदारों की ओर से इन समस्याओं को दूर करने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया जाता है, जिससे हेल्थ एटीएम पर जांच कराने के लिए आने वाले लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव ने कहा कि यदि कहीं पर नेटवर्क आदि की समस्या है तो उसे जल्द दूर करा दिया जाएगा। जिससे जांच कराने के लिए आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जांच के नाम पर वसूली जाती है मोटी रकम
हेल्थ एटीएम पर जांच की सुविधा न मिलने के कारण लोग निजी पैथोलॉजी पर जांच कराने को मजबूर हैं। कोठी निवासी संजय वर्मा ने बताया कि पैथाेलॉजी पर जांच के नाम पर 500 से लेकर 1000 रुपये तक वसूले जाते हैं। इसी प्रकार त्रिलोकपुर के राजकुमार बताते हैं कि जब भी वह हेल्थ एटीएम पर जांच कराने के लिए जाते हैं तो कभी एटीएम बंद मिलता है तो कभी नेटवर्क न होने की वजह से मायूस होकर लौटना पड़ता है। बड्डूपुर निवासी राजेंद्र बताते है कि हेल्थ एटीएम तो लगा दिया गया, परंतु इसका लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पा रहा है।