बाराबंकी। उमस और गर्मी के बीच शनिवार को हुई झमाझम बारिश से लोगों के चेहरे खिल उठे। बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को भी बड़ी राहत मिली। वहीं शहर में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। जलनिकासी का उचित प्रबंधन न होने के कारण सड़काें पर पानी भर गया।
शनिवार को सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर में अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। आधे घंटे से अधिक हुई बारिश में शहर लबालब हो गया। जिले में 56.4 मिलीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गई। इससे लोगों काे राहत महसूस हुई। साथ ही कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के खेतों में भी पानी पहुंच गया। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय में बारिश होना धान की फसल के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे फसल की पैदावार बढ़ेगी। किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, जिससे कम लागत में अधिक मुनाफा होगा। बारिश से जहां एक ओर लोगों काे राहत और किसानों को फायदा हुआ।
वहीं दूसरी ओर शहर में जलभराव की समस्या भी देखने को मिली। शहर के नाका सतरिख चौराहे पर बारिश के बाद नालों का पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे लोगों को पैदल तो दूर वाहन से भी निकलने में मुश्किल हुई। इसी प्रकार पल्हरी चौराहे पर भी जलनिकासी का उचित प्रबंधन न होने से बारिश का पानी सड़क पर भर गया।
इसके अलावा लक्ष्मणपुरी, आवास विकास, देवा रोड, दशहराबाग, लखपेड़ाबाग, पीरबटावन आदि मोहल्लों में भी जलभराव देखने को मिला। शहर वासियों ने बताया कि नाला सफाई अभियान के दौरान हुई लापरवाही के कारण जलभराव हो जाता है। वहीं इस संबंध में ईओ संजय शुक्ला ने कहा कि जहां अधिक जलभराव की स्थिति होगी, वहां पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला जाएगा।