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Barabanki News: किसी के बुढ़ापे की टूटी लाठी, कोई हुआ अनाथ

Sat, 09 Aug 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। हरख गांव के निकट बस पर पेड़ गिरने से हुए हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद घटना स्थल से लेकर अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस तक कोहराम मचा रहा। हादसे में किसी के बुढ़ापे की लाठी टूटी तो कोई पिता के बाद मां का साया भी छिन जाने से अनाथ हो गया। परिजनों के साथ ही अपनों को खोने की पीड़ा से मौजूद मित्र, रिश्तेदार और अधिकारी सभी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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हरख ब्लॉक की बीडीओ प्रीति वर्मा जिला अस्पताल के शव गृह के पास हादसे का शिकार हुई सहकर्मी एडीओ महिला मीना श्रीवास्तव व जूही सक्सेना के बारे में चर्चा कर फफक पड़ती थी। जूही अपने वृद्ध पिता मदन मोहन सक्सेना व मां के बुढ़ापे का इकलौता सहारा थी। जूही के परिजन भी रो-रोकर परेशान थे। वहीं मीना श्रीवास्तव के पति दुर्गेश कुमार का निधन छह साल पहले ब्रेन ट्यूमर से हुआ था। मीना की इकलौती पुत्री 17 वर्षीय नैना पिता के बाद अब मां के निधन से अनाथ हो गई। जेठ चंद्रेश श्रीवास्तव ने शवगृह पहुंचकर मीना की शिनाख्त की।
रामसनेहीघाट क्षेत्र के बस चालक मृतक संतोष कुमार माता-पिता का इकलौता पुत्र था। परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं। संतोष की मां रानी अपने रिश्तेदारों के साथ शवगृह पहुंची तो बेटे का शव देखकर गश खाकर गिर पड़ी। उसके मुंह से बस इतना ही निकाला कि हमारे तो बुढ़ापे की लाठी टूट गई। शिक्षिका शिक्षा मेहरोत्रा के पति विनय मेहरोत्रा व देवर मनीष मेहरोत्रा भी फूट-फूटकर रोते दिखे। शव गृह पहुंची अमेठी जिले के इन्हौना क्षेत्र के ग्राम भीखीपुर की मृतका रफीकुल की पुत्री के आंसू भी रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
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अहसान के नेक जज्बे ने बचाई जान
बाराबंकी। हादसे के समय बस में सवार शहर के मोहल्ला दुर्गापुरी के रहने वाले अहसान अहमद की असंद्रा में इलेक्ट्रानिक की दुकान है। बताया कि हादसे का शिकार बनी महिलाएं जिस सीट पर बैठी थी, उस सीट पर वह बैठे थे। बाद में वह नेक जज्बा दिखाते हुए महिलाओं के लिए सीट छोड़कर पीछे चले गए। सीट छोड़ने के लिए महिलाओं ने उनका शुक्रिया भी अदा किया था। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस सीट को वह छोड़ रहे हैं वह मौत की सीट बन जाएगी।

ब्रेक लगाने पर भी पेड़ के नीचे पहुंच गई बस
बाराबंकी। बस हादसे में घायल होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती यात्री शैल कुमारी ने बताया कि बारिश हो रही थी, अचानक ड्राइवर ने सामने गूलर का पेड़ सड़क की ओर गिरते हुए देखा और तेज आवाज में अरे...कहते हुए ब्रेक लगाया। शायद बारिश के कारण ब्रेक के बावजूद बस रुकते-रुकते पेड़ के नीचे आ गई।
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