बाराबंकी। कफ सिरप की तस्करी का मामला अब भले ही पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना है मगर बाराबंकी में यह गोरखधंधा बीते दो साल पहले से चल रहा है। यहां दो तस्करों के खिलाफ न्यायालय में सुनवाई चल रही है। जांच में पाया गया कि बाराबंकी से होकर बहराइच व नेपाल तक नशे के रूप में सिरप की आपूर्ति होती रही है।
बीते शुक्रवार को इसे लेकर खाद्य आयुक्त रोशन जैकब व शासन के अधिकारियों ने वीसी में बाराबंकी के अधिकारियों से जानकारी ली। मई 2023 में 10.50 लाख रुपये कीमत के कफ सिरप पकड़े जाने के मामले में उन्नाव के हसनगंज थाना क्षेत्र के न्योली निवासी चालक राजकुमार उर्फ सोनू, लाजपतनगर निवासी अमनदीप सिंह, सुधीर व एक अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था।
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) व पुलिस की संयुक्त टीम ने बीते बृहस्पतिवार को शहर के मोहल्ला गुलिस्तान-ए-शेर कॉलोनी में एक पिकअप को पकड़ा था। इसमें खांसी में इस्तेमाल होने वाली कफ सिरप की करीब साढ़े दस लाख रुपये कीमत की आठ हजार शीशी ओमरेक्स टी सिरप मिली थी। औषधि निरीक्षक सीमा सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मौके पर पिकअप सवार व्यक्ति ने पूछताछ में बताया कि सिरप लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर से सुधीर नामक व्यक्ति ने लोड कराई थी। पिकअप उसी की है। जांच में पता लगा कि यह सिरप लाजपत नगर निवासी अमनदीप सिंह ने बुक करवाने के साथ संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर दिया था। पिकअप में मौजूद बिल पर जिस फर्म के नाम दर्ज पाए गए, उनमें से एक फर्जी मिली तो दूसरी फर्म मोबाइल नंबरों व ऑनलाइन जांच में बंद मिली थी।