बाराबंकी। लखनऊ के स्पा में काम करने वाली उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता की मौत कैसे हुई, इसका राज खुला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीतापुर जेल में बंद उसके लिव-इन पार्टनर अंबुज शुक्ल ने बाराबंकी पुलिस की पूछताछ में बताया कि युवती को जूस में नींद की गोलियों की अधिक मात्रा दी गई थी। इससे उसकी मौत हो गई। फिर शव को कार से देवा के उमरी जंगल में फेंक दिया गया था। हालांकि मौत की वजह की पुष्टि के लिए पुलिस को अभी विसरा जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
21 मई 2026 को देवा के उमरी जंगल में करीब 30 वर्षीय युवती का शव मिला था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ तो पुलिस ने विसरा जांच के लिए भेज दिया। तीन महीने तक शव की पहचान नहीं हो सकी। 26 अगस्त को उन्नाव से आई युवती की बहन ने शव की पहचान की तो मामले की परतें खुलने लगीं। मृतका उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। परिजनों के मुताबिक, उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद वह लखनऊ में रहने लगी और एक स्पा में काम करने लगी। इसी दौरान वह दुष्कर्म के आरोपी अंबुज शुक्ला के संपर्क में आई और उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी।
20 मई को वह लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र में ऑटो रिक्शा पर सवार होने के बाद लापता हो गई थी। बहन की तहरीर पर देवा पुलिस ने अंबुज और उसके साथी संदीप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। मूल रूप से सीतापुर निवासी अंबुज विवाहित है। उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। करीब 20 दिन पहले अंबुज ने इस मामले में सीतापुर में आत्मसमर्पण कर दिया और जेल चला गया। देवा के कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी ने सीतापुर जेल पहुंचकर अंबुज के बयान दर्ज किए।
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वर्जन-
युवती की मौत के मामले में विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। ताकि पुष्टि हो सके कि मौत कैसे हुई। पुलिस सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दूसरे आरोपी की तलाश पुलिस कर रही है।
संगम कुमार, सीओ सदर