बाराबंकी। विश्वकर्मा जयंती के मौके पर कारीगरों-कामगारों के लिए शुरू होने जा रही प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में पहले साल 1500 लोगों का चयन किया जाएगा। इन्हें प्रशिक्षण देकर कौशल विकास किया जाएगा एवं टूल किट के लिए 15000 रुपये की मदद ई-वाउचर के रूप में दी जाएगी। इस योजना के तहत प्रशिक्षण पाने के बाद कामगारों को ऋण प्राप्त करने की भी सुविधा दी जाएगी।
पीएम विश्वकर्मा योजना में जिले को 1500 का लक्ष्य दिया गया है। इसमें निकायों व ब्लॉकों से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। इसमें बढ़ई, बोटमेकर, अस्त्र निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू के बुनकर, गुड़िया और खिलौना बनाने वाले, नाई, माला बनाने वाले, धोबी, दर्जी एवं मछली पकड़ने का जाल बनाने वालों को अपनी कला निखारने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र की ओर से चयनित लाभार्थियों को पांच दिन का कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रमाणपत्र के साथ टूल किट के लिए 15000 रुपये का ई-वाउचर दिया जाएगा। लाभार्थी पांच प्रतिशत प्रति वर्ष की दर पर एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर सकेंगे। 18 माह में ऋण चुकाने पर इन्हें 15 दिवसीय प्रशिक्षण मिलेगा और दो लाख रुपये का ऋण 30 माह के लिए प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही विभाग की ओर से मार्केटिंग में सहयोग किया जाएगा और ऑनलाइन लेनदेन करने पर प्रति ट्रांजेक्शन एक रुपये देकर उत्साहवर्धन किया जाएगा।
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुभारंभ कार्यक्रम का जिले में भी सजीव प्रसारण किया जाएगा और आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। जीएम डीआईसी आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसके लिए ब्लॉक व निकायवार लक्ष्य तय कर दिया गया है। इस योजना में जनसेवा केंद्र के माध्यम से https://pmvishwakarma.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे।