घाघरा का पानी खतरे के निशान से अभी भी 26 सेमी ऊपर बह रहा है। वहीं नकहरा गांव के पास एल्गिन चरसड़ी तटबंध देररात करीब 80 मीटर बह जाने से तराई में हड़कंप मच गया है। नैपुरा, परसावल, रायपुर मांझा समेत करीब आधा दर्जन गांवों में पानी भर जाने से यहां की 25 हजार की आबादी पलायन को मजबूर हो गई है। नैपुरा, परसावल और रायपुर को पूरी तरह से खाली कराने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकारी इमदाद न मिलने की वजह से लोग अपने-अपने संसाधनों से परिवारीजनों और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों के लिए नावों से निकल रहे हैं। वहीं बांध कटने की जानकारी मिलते ही अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम सिरौलीगौसपुर अजय कुमार द्विवेदी को बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मौके पर भेजा है।