आगरा एक्सप्रेस-वे जैसा हादसा जिले में किसी भी वक्त नेशनल हाइवे पर हो सकता है। बड़ेल मोड़ से दारापुर गांव के बीच हाइवे के किनारे 20 फीट दूर तक बही मिट्टी इसके साफ संकेत हैं। तीन दिन पूर्व मिट्टी बहने से हाइवे के किनारे का हिस्सा धंस गया है। इससे रेलिंग के पिलर हवा में लटक गए हैं, कई स्थानों पर रेलिंग गिर चुकी है। हाइवे के रेन कटों ने मॉनीटरिंग की पोल खोल कर रख दी है। जिम्मेदार अफसर व कर्मचारियों की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है।
फैजाबाद-लखनऊ को जोड़ने वाला एनएच-28 बारिस में दिन-ब-दिन जानलेवा होता जा रहा है। बड़ेल बाईपास से सफेदाबाद की ओर चंद कदम की दूरी पर दो स्थानों पर हाइवे के नीचे की मिट्टी बह जाने से करीब 10 फीट खोखला हो गया है। यहाएं पर सड़क उंचाई पर होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से पिलर जामकर लोके के इंगल की रेलिंग लगाई गई थी। पिलर के नीचे की मिट्टी बारिस में बहने से रेलिंग गिर गई और कई स्थानों पर हाइवे में दरार आ गई है। दिन रात छोटे व भारी वाहन हाइवे पर फर्राटा भरते हैं। यही नहीं एनएचआई की टीम मानीटरिंग भी सुबह शाम करने के लिए है, बावजूद इसके ऐसे कटों को नजर अंदाज करना किसी भी वक्त भारी पड़ सकता है।
वहीं एनएचआई के पेट्रोलिंग अधिकारी आलोक पांडेय का कहना है कि यहां पर बलूई मिट्टी है जो जरा सी बारिश होने पर बहने लगती है। मिट्टी का बहना, रेलिंग का गिरना सभी को हर साल का रूटीन बताते हैं। समय रहते अधिकारियों ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया तो किसी भी समय हादसा हो सकता है।