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Barabanki News: हादसे रोकने में छह विभाग फेल, एक माह में 55 की मौत

Sat, 31 May 2025 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। सड़क हादसे रोकने की कवायद सिर्फ कागजी साबित हो रही है। रोकथाम के लिए छह विभागों के समन्वय से तैयार कार्ययोजना भी बेअसर है। इसके चलते ही सड़क हादसों की चपेट में आकर सिर्फ मई माह में ही 55 लोगों की मौत हो चुकी है। दो साल पहले हादसों के कारण जहां हर 19 घंटे में एक की मौत होती थी वहीं अब हर 13 घंटे में एक व्यक्ति दम तोड़ रहा है। सड़क परिवहन को सुखद व सुरक्षित बनाने के लिए हर साल करोड़ों के खर्च के साथ बैठकों का लंबा दौर चलता है। इसके बावजूद सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
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बाराबंकी में हो रही सड़के दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए शासन ने 2024 तक हादसों में 50 प्रतिशत तक की कमी का लक्ष्य रखा था। इसके लिए परिवहन विभाग के साथ पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग व एनएचएआई को साझा तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यातायात पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2023 में सड़क हादसों में 483 लोगों की जान गई थी जो वर्ष 2024 में बढ़कर 527 तक पहुंच गई। इस दौरान रोकथाम के लिए सड़क सुरक्षा समितियों की कई बैठकें हुईं, योजनाएं बनीं, लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदली।
तेज रफ्तार पर लगाम लगाने, हाईवे पर ई-रिक्शा प्रतिबंधित कराने, अवैध कटों को बंद करने और संवेदनशील स्थानों पर पीडब्ल्यूडी द्वारा सुधार कराने जैसे अहम काम अभी तक अधूरे हैं। इसके चलते ही मई माह में करीब 55 मौतें हुई। अधिकतर मौतें तेज रफ्तार, नशा व मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने के कारण हुईं। हालात में सुधार न आया तो इस साल के अंत तक सड़क दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा 600 के पार पहुंचने की आशंका जताई जाने लगी है।
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मौतों की सूचना महीने के अंत में मिलेगी
अधिशासी अभियंता सड़क सुरक्षा समिति के सचिव और प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अजीत सोनकर ने बताया कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों की सूचना महीने के अंत में मिलती है, फिर समीक्षा कर आगे की कार्रवाई तय होगी।

पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई करेगा सुधार
एआरटीओ अंकित शुक्ला का कहना है कि दुर्घटना के बाद विश्लेषण कर संबंधित स्थानों के सुधार के लिए पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई को लिखा जाता है। सुधार उनके स्तर पर ही किया जाना है।
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