बाराबंकी। जिले के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। लंबे समय से खराब पड़े सरकारी नलकूपों को ठीक करने का सरकार ने फैसला लिया है। पहले चरण में बाराबंकी के 152 नलकूपों और उनकी पानी पहुंचाने की व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए छह करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है।
निर्देश दिए गए हैं कि मार्च से पहले इन सभी नलकूपों को ठीक कर दिया जाए। जिससे करीब 15 हजार हेक्टेयर खेतों में सिंचाई हो पाएगी। इससे लगभग एक लाख किसानों को सीधा फायदा मिलेगा, जो कई सालों से पानी की कमी का सामना कर रहे थे। अब उनके खेतों तक आसानी से पानी पहुंच सकेगा।
जिले में इस समय 370 राजकीय नलकूप हैं, जिनमें से अधिकांश या तो बंद हैं या उनकी मशीनरी व पाइप लाइनें जर्जर हैं। दो दर्जन से अधिक नलकूपों की मोटरें खराब हैं और कई की पाइप लाइनें टूट चुकी हैं। इसका नतीजा यह है कि करीब 15 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र सिंचाई के अभाव में संघर्ष कर रहा है। रामनगर ब्लॉक के कटियारा, असंद्रा ब्लॉक के मंसारा, जलालपुर समेत कई गांवों में सालों से पानी न आने के कारण किसानों ने खेती से लगभग हाथ खींच लिए हैं। दरियाबाद, हैदरगढ़, नवाबगंज, फतेहपुर और रामनगर के गांवों में भी किसान धान, उड़द और मेंथा की खेती के लिए पानी को तरस रहे हैं। विभाग के अनुसार, आधुनिकीकरण के लिए 52 नलकूपों व इनकी जल वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 3 करोड़ 27 लाख रुपये, 1.5 क्यूसेक क्षमता के 58 नलकूपों की मशीनरी और पाइपलाइन को हाईटेक करने के लिए एक करोड़ 73 लाख रुपये व एक क्यूसेक वाले 42 नलकूपों में मोटरों का बदलाव व जल वितरण प्रणाली व पाइपलाइन सुधार के लिए 88 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। शेष राशि से पूरा कार्य कराया जाएगा।
बाराबंकी में स्थायी अधिशासी अभियंता नहीं
जिले में नलकूप विभाग का कार्यालय देवा रोड स्थित अभय नगर में है। विडंबना यह है कि जिले को वर्षों से स्थायी अधिशासी अभियंता नहीं मिल सका है। लखनऊ के अधिशासी अभियंता शशांक कुमार यहां का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं।
वर्जन-
काफी दिन बाद शासन से नलकूपों को हाईटेक करने और जल वितरण प्रणाली सुधारने के लिए बजट मिल गया है। काम जल्दी शुरू किया जाएगा। गुणवत्ता परखने के लिए एक टीम भी गठित होगी।
- शशांक कुमार, अधिशासी अभियंता नलकूप
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