बाराबंकी। लखनऊ में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले फतेहपुर क्षेत्र के गौरा मजरे करौंदी गांव निवासी अनुभव सिंह उर्फ अंकुर की मौत ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया।
शनिवार की रात अनुभव की बहन आंकाक्षा की शादी थी। ढोल-नगाड़ों की थाप पर खुशियां झूम रही थीं। रात भर बरातियों की चहल-पहल, हंसी-ठिठोली और जयमाल की रस्मों के बीच परिवार खुशियों में डूबा था। हर कोई इस खास मौके को यादगार बनाने में जुटा था। भोर में घर का इकलौते चिराग अनुभव सिंह उर्फ अंकुर, अपने दोस्त के साथ होमगार्ड की परीक्षा देने रायबरेली के लिए निकले।
लखनऊ से सूचना आई कि मोहनलालगंज और निगोहां के बीच बाइक डिवाइडर से टकरा गई और अनुभव की मौत हो गई। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, शादी का घर चीख-पुकार में बदल गया। जिस बहन की विदाई की तैयारी हो रही थी, उसी घर में भाई के खोने का दर्द फूट पड़ा।
परिजनों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर विदाई की रस्म पूरी कराई। दोपहर बाद जब अनुभव का शव गांव पहुंचा, तो हर आंख नम थी। जिस घर से सुबह दुल्हन विदा हुई थी, उसी घर से कुछ घंटों बाद बेटे की अंतिम यात्रा निकली। पिता राजेश सिंह उर्फ डब्लू सिंह टूट चुके हैं। मोहल्ले के घरों में चूल्हा तक नहीं जला।