-बाराबंकी। बीएसएनएल के 101 वीआईपी मोबाइल नंबरों की कथित फर्जी ई-सिम स्वैपिंग का मामला सामने आने के बाद भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में हड़कंप मच गया है। शनिवार देर रात साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूरे प्रकरण को बीएसएनएल के पुणे स्थित आईटी सेल के सुपुर्द कर दिया गया है, बीएसएनएल ने साइबर पुलिस को पूरा डेटा साैंपा है। यह स्वैपिंग बिहार से की गई।
बाराबंकी बीएसएनएल से जुड़े 101 वीआईपी नंबरों की स्वैपिंग कर ई सिम जारी करा ली गई। जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर रागिनी नाग के अनुसार 10 फरवरी को मामला तब उजागर हुआ जब परसपुर, गोंडा निवासी उपभोक्ता देव नारायण सिंह का मोबाइल नंबर बाराबंकी में पूर्व में तैनात रहे अधिकारी मृगेंद्र कुमार वर्मा की आईडी से स्वैप कर ई-सिम के रूप में जारी कर दिया गया। आगे की जांच में 99 प्रीपेड और 2 पोस्टपेड नंबर बिना स्थानीय जानकारी के ई-सिम में तब्दील पाए गए। तब उन्होंने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने बीएसएनएल अधिकारियों से सभी 101 सिम से संबंधित आवेदन पत्र, डी-केवाईसी डाटा, लॉगिन ट्रेल और सर्वर लॉग की विस्तृत जानकारी मांगी।
बीएसएनएल के टीडीएम डीके सिंह के अनुसार जिस अधिकारी की लॉगिन आईडी से ई-सिम स्वैपिंग की गई, उनका दो वर्ष पूर्व ही तबादला हो चुका है। उनको भी इसकी जानकारी नहीं है। इससे आशंका है कि साइबर ठगों ने लॉगिन क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग किया।
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तीन ईमेल और संदिग्ध पीओएस कोड
इस नए तरह के फर्जीवाड़े में तीन ईमेल आईडी और एक संदिग्ध पीओएस यूनिक कोड का इस्तेमाल हुआ। जिन आवेदन पत्रों के माध्यम से स्वैपिंग की गई, उनमें संबंधित लॉगिन अधिकारी का फोटो तक नहीं पाया गया।
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अन्य जिलों में भी जांच की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि यह भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि बाराबंकी के अलावा अन्य जिलों में भी इसी तरह की फर्जी स्वैपिंग हुई हो। इसलिए तकनीकी स्तर पर व्यापक ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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