बाराबंकी। चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से निवेशक और कारोबार दोनों हैरान परेशान हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने सराफा बाजार की रफ्तार थाम दी है। ऊंचे दामों के कारण न तो ग्राहक खरीदारी के लिए आ रहे हैं और न ही निवेशक खुलकर पैसा लगा पा रहे हैं। बाजार में आई इस सुस्ती का सबसे गहरा असर सराफा कारीगरों पर पड़ रहा है। ग्राहकों के न आने से कारीगरों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सोना 1,46,000 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी नए रिकार्ड स्तर 2,91,000 रुपये प्रति किलो की नई ऊंचाई पर है। ऊंचे भाव के कारण भौतिक खरीदारी 70 फीसदी कम हो गई है इससे कारोबार सहमा दिख रहा है। जिनके पास चांदी है वे भाव और बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। ग्राहक भाव कम होने की राह तक रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि ऊंची कीमतों के कारण निवेशक निवेश करने से हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि कीमतों में सुधार की संभावना है। मांग में कमी का सीधा असर कारीगरों पर पड़ रहा है। काम की कमी के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
निवेश का साधन बन रही चांदी
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चांदी अब गहना नहीं, निवेश का साधन बन चुकी है। बड़े व्यापारी, निवेशक चांदी को लॉकर में बंद कर रहे हैं। काम ने मिलने से रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यही हाल रहा तो हुनर खत्म हो जाएगा।
- सुरेंद्र कुमार, सराफा कारीगर
महंगाई में घर चलाना मुश्किल
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पहले हर महीने लगातार काम मिलता था, जिससे परिवार का पालन-पोषण हो जाता था, लेकिन अब कई-कई दिन बिना काम के गुजर जाते हैं। बढ़ती महंगाई में घर चलाना मुश्किल हो गया है। रोजी रोटी प्रभावित हो गई है।
- शोभित रस्तोगी, सराफा कारीगर
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भाव तेज होने से कमजोर पड़ी खरीदारी
चांदी में सोने से ज्यादा तेजी होने का अनुमान है। तीन लाख भाव जा सकता है। हमें फायदा तभी होगा जब अच्छी बिक्री होगी। दोनों धातुओं के दाम तेज हैं, इसलिए खरीदारी कमजोर पड़ गई है।
- अर्श रस्तोगी, सराफा कारोबारी
कारोबारियों व कारीगरों दोनों पर पड़ रहा असर
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भाव अस्थिर होने से बाजार में असमंजस की स्थिति है। कारोबार 70 फीसदी से अधिक घट गया है। इसका सीधा असर कारोबारियों व कारीगरों पर पड़ रहा है।
- रवि शेखर, सराफा कारोबारी