बाराबंकी। रामनगर में करोड़ों की लागत से बना रोडवेज बस स्टेशन सिर्फ नाम मात्र का है। परिवहन निगम के आदेश के मुताबिक यहां बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, लखनऊ व आगरा समेत रोडवेज की तमाम बसों का ठहराव होना चाहिए। हालांकि बस के चालक-परिचालकों की इस कदर मनमानी है कि बसें स्टेशन न आकर हाईवे से ही गुजर जाती हैं। मजबूरन यात्रियों को हाईवे पर ही बस का इंतजार करना पड़ता है।
बाराबंकी-गोंडा-बहराइच हाईवे पर वर्ष 2008 में बस स्टेशन का निर्माण कराया गया था। क्षेत्रवासियों को आशा थी कि बस स्टेशन बनने के बाद यहां बसों का ठहराव होगा। बसें रुकती तो हैं लेकिन बस स्टेशन पर नहीं जाती। हाईवे से होकर सीधे बहराइच व गोंडा के लिए चली जाती है। बस को दूर से ही देखने के बाद यात्री बस में सीट पाने के लिए हाईवे पर दौड़ लगाने को मजबूर हो जाते हैं।बहराइच,गोंडा व बलरामपुर डिपो की करीब डेढ़ सौ से अधिक बसें रोजाना हाईवे से गुजर जाती हैं। अगर बसें स्टेशन पर आएं तो यात्रियों को हाईवे किनारे खड़ा होकर बसों का इंतजार करना न पड़े। लेकिन चालक-परिचालक बस स्टेशन की अनदेखी कर निकल जाते हैं। बस स्टेशन पर प्रतीक्षालय, सुलभ कांप्लेक्स व बैठने जैसी अन्य सुविधाएं भी हैं। हालांकि पूछताछ काउंटर पर ताला लगा रहता है। यात्रियों का कहना है कि परिवहन व्यवस्था ठीक न होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है।