बाराबंकी। रामसनेहीघाट के ग्राम हुसेपुर की श्याम कुमारी मछली पालन के स्वरोजगार से लखपति दीदी बन गईं। यह कमाल राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित समूह की सदस्य के रूप में टैंक में मछली पालन से हुआ।
दो टैंक बनाने में एक लाख 120 हजार रुपये खर्च हुए। तीन लाख की मछली पहली बार बिकी। अब दूसरी बार मछलियों को टैंक में तैयार कर रही हैं। अगले माह तक यह मछलियां फिर बिकेंगी। इस बार टैंक की लागत नहीं लगेगी। सिर्फ बीज और चारे पर ही खर्च आएगा। इसलिए अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है।
वर्ष 2020 में उन्होंने ‘जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह’ से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम रखा था। पहले उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और मजदूरी करता था। वर्ष 2023 में इन्होंने समूह से एक लाख बीस हजार रुपये का ऋण लेकर मछली पालन शुरू किया। उन्होंने गांव में दो टैंक बनवाए हैं, जिनमें प्रत्येक में लगभग चार-चार हजार मछलियों के बच्चे डाले गए हैं। पहले साल की कमाई में टैंक की लागत निकलने के बावजूद करीब दो लाख रुपये का मुनाफा हुआ। इस मुनाफे के बाद श्याम कुमारी ने एक परचून की दुकान घर पर खोल ली। उनके चार बच्चे हैं।