प्राथमिक शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गन्ना परिसर कार्यालय में शनिवार को धरना देकर विभाग के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी। धरना दे रहे शिक्षकों ने कहा कि उनकी समस्या का निराकरण समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा है।
धरने को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय मंत्री सुशील पांडेय ने कहा कि शिक्षकों की तमाम समस्याएं लंबित पड़ी हैं जिनका निराकरण नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया जा रहा है और न ही पुरानी पेंशन व्यवस्था को ही लागू किया जा रहा है। इसके अलावा बीमा योजना में धनराशि बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के उत्पीड़न पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। राज्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी निशुल्क चिकित्सीय सुविधा प्रदान की जाए। जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जानी चाहिए। गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए शिक्षकों को गैर शैक्षिणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए।
मध्याह्न भोजन में दूध का वितरण बंद कराया जाए। परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद और पाठ्य सहगामी के लिए बजट की व्यवस्था कराई जाए। शिक्षकों के पाल्यों को पूर्व की भांति बीएड/बीटीसी में प्रवेश के लिए 10 अंकों का बेटेज दिया जाए। पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर दोनों को मकान किराया भत्ता दिया जाए, आदि समेत करीब 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा गया। इस मौके पर नंदकुमार सिंह, उमेश चन्द्र श्रीवास्तव, मो. हसीब, किरन विश्वकर्मा, राकेश सिंह, डॉ. राकेश कुमार सिंह, रामकिशुन, वीरेन्द्र सिंह, मनोजन मिश्र, देवानंद आदि मौजूद रहे।