मांगों को लेकर शिक्षामित्रों ने सोमवार को कलक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने अपनी तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है।
धरने को संबोधित करते हुए शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि समायोजित किए गए शिक्षामित्रों के वेतन और शिक्षामित्रों के मानदेय भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसकी वजह से शिक्षामित्र आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय लापवाही के चलते अप्रैल 2015 से शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं दिया गया है। छह माह से शिक्षामित्र बिना मानदेय के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों की सेहत पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। यही कारण है कि शिक्षामित्र आंदोलन को मजबूर हैं। मोर्चा के अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि अदालत के एक आदेश ने शिक्षामित्रों को फर्श पर लाकर पटक दिया है तो विभाग भूखों मरने के लिए मजबूर कर रहा है। शिक्षामित्रों को अवेशष मानदेय और वेतन देने के बजाए मनमानी कर रहे हैं।
इस बाबत कई बार बीएसए और लेखाधिकारी को ज्ञापन भी दिया जा चुका है लेकिन समस्या का आज तक समाधान नहीं हो सका है। यदि जल्द ही अवेशष मानदेय और वेतन नहीं दिया जाता है तो शिक्षामित्र जोरदार प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर आनंद प्रताप सिंह, जेबा परवीन, लक्ष्मी यादव, प्रदीप मिश्रा, श्रुति सिंह, विनोद मिश्रा, ज्ञानेन्द्र पाठक, रामधन यादव, मो. इरफान, संजय वर्मा, प्रताप पांडेय आदि मौजूद रहे।