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Barabanki News: दरियाबाद के शादाब ने बनवाए चार पासपोर्ट, एफआईआर दर्ज

Fri, 12 Jun 2026 01:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। फर्जी आधार, वोटर आईडी और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के सहारे दरियाबाद कस्बे के मोहल्ला कटरा रोशनलाल निवासी मो. शादाब ने एक-दो नहीं बल्कि चार पासपोर्ट बनवा लिए। पासपोर्ट निदेशालय की रिपोर्ट जिले में पहुंचने के बाद पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाने पर दरियाबाद कोतवाली में धोखाधड़ी और पासपोर्ट एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। सूत्रों के शादाब विदेश की यात्रा भी कर चुका है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
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दरियाबाद कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर रमेश सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। तहरीर के अनुसार जांच में पता चला कि मो. शादाब के नाम से अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर चार पासपोर्ट जारी किए गए। रमेश सिंह के मुताबिक पासपोर्ट बनवाने के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी समेत अन्य कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
इस मामले के दर्ज होने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर चार पासपोर्ट बनवानेे के पीछे मकसद क्या है। दरियाबाद के एसएचओ धर्मेद्र कुमार के अनुसार एक माह पूर्व मुंबई एयरपोर्ट पर जांच के दौरान भी उसे पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन तथ्यों की भी जांच कर रही है।
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जन्मतिथियों में सात साल का अंतर
एक पासपोर्ट में उनकी जन्मतिथि 10 नवंबर 1967 दर्ज है, जो 10 मार्च 2021 को जारी हुआ था और नौ मार्च 2031 तक वैध है। वहीं दूसरे पासपोर्ट में जन्मतिथि 10 फरवरी 1984 अंकित है। यह पासपोर्ट पांच मार्च 2025 को जारी हुआ और चार मार्च 2035 तक वैध है। जांच के दौरान इसी प्रकार के दो अन्य पासपोर्ट भी सामने आए। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हर पहलू की जांच की जा रही है।


तस्कर का पासपोर्ट बनने की घटना हुई थी चर्चित
फरवरी 2018 में जैदपुर के गांव टिकरा उस्मा गांव के निवासी सहीम पर कई मामले दर्ज हाेने के बाद भी पासपोर्ट बनने की घटना जिले में चर्चा का विषय बनी थी। सहीम तस्कर के रूप में जाना जाता था और बाद में प्रदेश सरकार ने उसे राज्य स्तरीय माफिया घोषित किया गया था। इस मामले में चार सिपाही निलंबित कर दिए गए थे जबकि बाद में थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया था। हालांकि शादाब का मामला दूसरी तरह का है।
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