रामसनेहीघाट क्षेत्र की ग्राम पंचायत सराही की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान के मामले को संज्ञान में लेते हुए राज्य सूचना आयोग लखनऊ ने उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।
बताते चलें कि तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र की ग्रामपंचायत सराही की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान गांव के एक दलित बरसाती पुत्र सुचित के नाम है। लेकिन दुकान का संचालन गांव के ही एक ठाकुर अमरिका सिंह के द्वारा किया जाता है और दुकान के संचालक द्वारा लगभग तीन दर्जन से अधिक फर्जी राशन कार्डों व मृतकों के नाम से चल रहे राशन कार्डों का राशन चीनी व मिटटी का तेल गबन किया जा रहा था।
जिसकी शिकायत धन कुमार द्वारा संबधित उच्चाधिकारियो से की गयी थी। इसके बाद 19 जुलाई 2014 को सराही की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान निलंबित कर उसे ग्रामसभा हंसौर की दुकान में संबद्ध कर दिया गया था। लेकिन बिना स्थलीय जांच अथवा सत्यापन के ही छह महीने के बाद दुकान बहाल कर दी गयी।
आवेदक द्वारा मुख्य सूचना आयुक्त, राज्य सूचना आयोग से शिकायत की गयी थी। राज्य सूचना आयोग ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए उपजिलाधिकारी को 30 अक्तूबर को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।