मतदान केंद्र नकटा सहेरिया पर सुबह करीब नौ बजे से ही मतपत्र बदले जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। मतदाताओं ने शिकायत किया लेकिन पीठासीन ने मनमानी दिखाते हुए उनकी बातों को गंभीरता से लिए बिना ही वोटिंग जारी रखी। इससे मतदाता भड़क गए और हंगामा करने लगे। मतदान केंद्र पर प्रदर्शन होने से अफरातफरी मची रही।
कुछ लोगों ने इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी। उनके आदेश पर एसडीएम सदर नीलम यादव और सीओ विशाल विक्रम मौके पर पहुंचे लेकिन उन्होंने मतदाताओं को ही पुलिस के हवाले कर दिया जिससे हंगामा खड़ा हो गया। नकटा सहेरिया मतदान केंद्र पर मौजूद मतदाता जिला पंचायत सदस्य पद की उम्मीदवार सीमा देवी के पति रामचन्द्र, भाकियू के दिनेश कुमार और रामसिंह ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत सदस्य पद की सिद्धौर द्वितीय क्षेत्र से 16 तथा सिद्धौर पंचम से 7 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
यहां पर मौजूद पीठासीन अधिकारी ने बैलेट पेपर बदल दिए। जिन मतदाताओं को 16 चुनाव चिह्न का बैलेट पेपर दिया जाना चाहिए था उन्हें 7 का और जिन्हें 7 का बैलेट पेपर दिया जाना चाहिए था उन्हें 16 चुनाव चिह्न का बैलेट पेपर दिया जा रहा था। लोगों ने इसका विरोध किया तो पीठासीन अधिकारी इसे सही कराने के बजाए वोटिंग कराते रहे।
इससे नाराज मतदातओं ने जानकारी जिलाधिकारी को दी। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर नीलम यादव सीओ विशाल विक्रम के साथ मौके पर पहुंचे। मतदाताओं का आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने हम लोगों की बात सुनने के बजाए, जो लोग इसका विरोध कर रहे थे उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। यहां तक अखबार वालों कोे भी दोनों अधिकारियों ने अभद्रता करते हुए मतदेय स्थल से भगा दिया। दोनों अधिकारियों की इस कार्यशैली से नाराज लोग मतदान का बहिष्कार करते हुए मार्ग जामकर धरने पर बैठ गए।