बाराबंकी। कोरोना के केस आसपास के जिलों में मिलने के बाद विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इससे निपटने के लिए जांच का दायरा और बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा रेलवे और बस स्टेशन पर भी टीमें लगाने को कहा गया है, जिससे गैर प्रांतों से आने वाले लोगों की जांच की जा सके। साथ ही यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि जिन अस्पतालों में अभी तक कोरोना मरीजों के लिए बेड आरक्षित नहीं किए गए हैं, वहां बेड आरक्षित कर लिए जाएं।
लखनऊ और गोंडा में कोरोना के मरीज मिलने के बाद इससे निपटने के लिए विभागीय गतिविधियां और तेज हो गई हैं। अभी तक जहां 300 से 400 जांच प्रतिदिन हो रही हैं, वहीं इसे बढ़ाकर 700 प्रतिदिन करने के निर्देश दिए गए हैं। ओपीडी में आने वाले संदिग्ध मरीजों की भी जांच कराने को कहा गया है। इसके अलावा रेलवे और बस स्टेशन पर जांच टीमें लगाने तथा गैर प्रांतों से आने वालों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कोरोना के प्रसार पर रोक लगाई जा सके। यदि कोई संदिग्ध मिलता है तो उसकी जांच कराई जाए।
वहीं जिला अस्पताल और संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में कम से कम 40-40 बेड तथा सभी सीएचसी पर 10-10 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित कर लिए जाएं। इसके साथ ही 11 अप्रैल को कोरोना को लेकर होने वाली मॉकड्रिल की तैयारियां अभी से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरोना का अभी कोई भी केस जिले में नहीं मिला है, फिर भी विभागीय तैयारियां पूरी हैं। जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। गैर प्रांतों से आने वालों पर बराबर नजर रखने तथा सभी अस्पतालों में बेड आरक्षित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ