बाराबंकी। सरयू की तराई वाले चार ब्लॉक के 41 परिषदीय स्कूल बाढ़ प्रभावित हैं। अधिकांश स्कूलों में पानी भरा है। वहीं कई स्कूलों तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। ऐसी स्थिति में विद्यालयों का संचालन आसपास के दूसरे विद्यालयों व बंधों पर कर औपचारिकता भर पूरी की जा रही है।
तराई में बाढ़ के चलते कई बच्चे स्कूल तक नहीं जा रहे हैं। जिले में चार ब्लॉक सूरतगंज, पूरेडलई, सिरौलीगौसपुर व रामनगर के 41 परिषदीय विद्यालयों में बाढ़ प्रभावित चिह्नित हैं।
इस बार सितंबर और अक्टूबर में आई बाढ़ से सूरतगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कचनापुर, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय सरसंडा, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हेतमापुर, प्राथमिक विद्यालय डिहुआ, अकौना, माधौपुरवा गायघाट, जमका, कंपोजिट स्कूल तेवराइनपुरवा, पूरे डलई ब्लॉक का सविलियन स्कूल मांझा, प्राथमिक विद्यालय नैपुरा, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय मांझारायपुर, ढ़ेमा किठूरी, व गुनौली, बसंतपुर, सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय सनावां, परसा, ढकवा माफी, प्राथमिक विद्यालय सरदहा, नामीपुर, तेलवारी, कोठीडीह, सिरौलीगुंग और रामनगर ब्लॉक के प्राथमिक विद्वालय निजामुद्दीनपुर, वाजिदपुर, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय लहड़रा में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इसको लेकर विद्यालयों का संचालन पास के स्कूल या फिर सुरक्षित स्थानों पर किया जा रहा है। मगर, तराई में मचे हाहाकार के बीच अधिकांश बच्चे पढ़ने नहीं पहुंच रहे तो शिक्षक भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचते हैं।
बाढ़ से प्रभावित विद्यालयों के संचालन में एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित स्कूलों का संचालन बंधे के अलावा नजदीक के विद्यालयों व पंचायत घर जैसे सुरक्षित ठिकानों पर कराया जा रहा है। पढ़ाई बाधित नहीं है। अब विद्यालयों में पानी घटने लगा है। ऐसे में साफ-सफाई के बाद कक्षाओं के संचालन के निर्देश दिए गए हैं।
-संतोष देव पाण्डेय, बीएसए