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आश्रम पद्धति स्कूल मामले में लीपापोती शुरू, दो कर्मी हटे

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बाराबंकी। सतरिख क्षेत्र के राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल तीरगांव में छात्रों के साथ हुए उत्पीड़न के मामले में लीपापोती शुरू हो गई है। पोल खुलने के बाद समाज कल्याण विभाग ने विद्यालय में संविदा पर तैनात दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटा दिया है। जबकि प्रभारी के रुप में तैनात प्रवक्ता पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें रिलीव करने की तैयारी शुरू कर दी है। विद्यालय में अनैतिक कार्य होने के साथ छात्रों की पिटाई के आरोप को अफसर दबाने में लग गए हैं।
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आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्रों ने डीएम को पत्र भेजकर उत्पीड़न की पोल खोली थी। शिक्षा के मंदिर में कर्मचारियों के कारनामे उजागर करते हुए छात्रों ने बताया था कि नाश्ते में गड़बड़ी की शिकायत पर उन्हें पीटा गया। शुक्रवार को डीएम के निर्देश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह और बीएसए संतोष देव पांडेय मौके पर पहुंचे थे।
छात्रों के शरीर में आई चोटों से उनकी पिटाई की पुष्टि समाज कल्याण अधिकारी ने की थी। विभाग ने इस मामले में सिर्फ दो संविदा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सुरेंद्र और इंद्रपाल को हटाकर मामले में लीपापोती शुरू कर दी है। जबकि इस गंभीर मामले में छात्रों द्वारा की गई शिकायत में कई अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। जिन्हें बचाने में विभाग जुट गया है।
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हटाए गए दोनों कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए यहां कार्यरत थे। वहीं इस घटना के बाद प्रशासन तबादले के बाद भी यहां जमे प्रवक्ता बलराज वर्मा को सिर्फ रिलीव करने की कार्रवाई कर उन्हें बचाने में लगा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि दोषी मिले दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटाया गया है। मामले की जांच चल रही है।
इधर, इस मामले की जांच डीएम ने बीएसए संतोष देव पांडेय को दी थी। इस पर बीएसए ने स्कूल में जाकर छात्रों के बयान दर्ज किए थे। शनिवार को बीएसए ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। वहीं से कार्रवाई होगी। इस मामले में वह और कुछ बताने से कतराते रहे।
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