बाराबंकी। ऐतिहासिक महत्व वाले महादेवा का सावन मेला 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस प्रमुख शिवधाम में जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों की भारी भीड़ जुटती है। प्रशासन ने एक माह तक चलने वाले सावन मेला के दौरान पूरे महादेव क्षेत्र में नॉनवेज दुकानों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। मेला क्षेत्र में सजने वाली खान-पान की दुकानों की निगरानी एफएसडीए की टीम नेम प्लेट व क्यूआर कोड से करेगी। इसके लिए 24 घंटे चलने वाली हेल्प लाइन भी संचालित होगी, जहां श्रद्धालु फीडबैक दे सकेंगे।
सावन मेला में काफी संख्या में खानपान, प्रसाद की दुकानें, होटल और ढाबे संचालित होते हैं। इस बार खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने व्यवस्थाओं में सख्ती के साथ कई बदलाव किए हैं। महादेवा क्षेत्र में संचालित होने वाली खान-पान सामग्री से जुड़ी प्रत्येक दुकान को नेम प्लेट और वैध लाइसेंस नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इन दुकानों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे है ताकि ग्राहक ऑनलाइन फीडबैक दे सके।
सावन मेले में हर साल करीब 20 से 25 लाख श्रद्धालु आते हैं। रामनगर से महादेवा व आसपास के क्षेत्र में करीब पांच हजार से अधिक खान-पान की दुकानों का संचालन होता है। एफएसडीए ने इन दुकानों की निगरानी के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001805533 का संचालन भी शुरू किया है। 24 घंटे संचालित रहने वाले वाले इस हेल्प लाइन नंबर पर किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
इसके साथ ही एफएसडीए सावन मेला में लगने वाली दुकानों के बाहर एक विशेष पर्चा भी चस्पा कराएगा, जिसमें दुकानदार का नाम, लाइसेंस नंबर, मोबाइल नंबर और बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थ का विवरण होगा। इसमें ग्राहकों की फीडबैक का विकल्प भी रखा गया है। दुकानों पर एंड्रॉयड और आईफोन के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड दिए गए हैं। इन्हें स्कैन करते ही ग्राहक को दुकान संचालक संबंधी पूरी जानकारी मोबाइल पर दिख जाएगी।
सहायक आयुक्त खाद्य शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार उन दुकानदारों पर विशेषतौर से नजर रहेगी जो वेज के लाइसेंस पर नॉनवेज बेचने की कोशिश करते हैं। अथवा ऑर्गेनिक फूड के के नाम पर गड़बड़ी की कोशिश करते हैं। इसके लिए चिह्नित दुकानदारों का डेटा भी जुटाया जा रहा है।