विधानसभा चुनाव-2017 में इस बार मतदाताओं ने पढ़े-लिखों को ही तरजीह दी है। विधायक चुने गए प्रत्याशियों में चार अधिवक्ता हैं तो दो शिक्षक हैं। यह अधिवक्ता कोर्ट में प्रैक्टिस नहीं करते हैं। इसके अलावा नवनिर्वाचित विधायकों में सतीश शर्मा सबसे युवा और बैजनाथ रावत सबसे बुजुर्ग हैं। दोनों ही भारतीय जनता पार्टी से हैं।
विधान सभा चुनाव-2017 की मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें भाजपा का पांच और सपा का एक सीट पर कब्जा रहा। विधायक चुने गए प्रत्याशियों में दरियाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी सतीश शर्मा सबसे युवा विधायक हैं।
चालीस वर्षीय सतीश शर्मा नसीपुर मंसारा तहसील हैदरगढ़ के रहने वाले हैं। हैदरगढ़ सुरक्षित सीट से चुने गए भाजपा प्रत्याशी बैजनाथ रावत सबसे अधिक बुजुर्ग विधायक की श्रेणी में हैं। हैदरगढ़ तहसील के भुलभुलिया गांव निवासी 63 वर्षीय बैजनाथ पेशे से शिक्षक हैं। लेकिन बाद में यह शिक्षण कार्य छोड़कर राजनीति में आ गए। वह विधायक, सांसद और मंत्री रह चुके हैं।
मतदाताओं ने पढ़े लिखों पर दबाया बटन
चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। इस बार मतदाताओं ने पढ़े-लिखे प्रत्याशियों के लिए ही बटन दबाया है। चुने गए नवनिर्वाचित विधायकों में चार अधिवक्ता तो दो शिक्षक हैं। हालांकि चारों अधिवक्ता व दोनों शिक्षक अपने कार्य से विरत रहकर राजनीति में सक्रिय हैं। जैदपुर सुरक्षित सीट से विधायक चुने गए भाजपा के उपेंद्र रावत ने एमए, एलएलबी की पढ़ाई की है।
हैदरगढ़ में भाजपा विधायक बैजनाथ रावत व रामनगर से भाजपा विधायक शरद कुमार अवस्थी भी एमए, एलएलबी और बाराबंकी सीट से सपा विधायक धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश यादव ने स्नातक एलएलबी की पढ़ाई की है।
हालांकि यह चारों अदालत में प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं। दरियाबाद सीट से जीते भाजपा के सतीश शर्मा व कुर्सी सीट से जीते भाजपा के साकेंद्र वर्मा एमए, बीएड हैं। सतीश व साकेंद्र भी शिक्षण कार्य में रत नहीं हैं।