बाराबंकी। पिछले दस दिनों से लगातार बढ़ रही सरयू नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। जलस्तर कम होने के साथ ही कटान भी कम हो रहा है। इससे प्रभावित गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने फिलहाल राहत की सांस ली है। हालांकि प्रशासन और ग्रामीणों का मानना है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
बीते दिनों सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया था। इसके चलते सनावा, टेपरा, कहरनपुरवा, भैरवकोल और सरायसुरजन गांवों के सामने नदी तेज कटान कर रही थी, जिससे किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि लगातार नदी में समा रही थी। अब जलस्तर घटने के कारण नदी की मुख्य धारा खेतों से दूर हो गई है और कटान में काफी कमी आई है।
उधर, शनिवार को सीओ रामसनेहीघाट सौरभ श्रीवास्तव ने बाढ़ राहत केंद्र लोढे़मऊ व परसावल का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सीओ ने नदी किनारे के संवेदनशील स्थलों, तटबंधों तथा जलभराव वाले इलाकों का अवलोकन किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त की जाए और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर पैनी नजर रखी जाए।